बांदा। स्मार्ट प्रीपेड मीटरों की तकनीकी खामियों के विरोध में जिला अधिवक्ता संघ ने मुख्य अभियंता कार्यालय में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा और समस्याओं के निदान की मांग की। संघ के अध्यक्ष विमल कुमार ने बताया कि इन मीटरों के लगने के बाद बिजली बिल 400 रुपये से बढ़कर 1400-1500 रुपये हो गए हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत के बावजूद बिजली काट दी जाती है और कनेक्शन चालू कराने के लिए निर्धारित बिल के साथ दो हजार रुपये अग्रिम जमा कराए जाते हैं। विभाग ने लाखों उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर बिना जानकारी के प्रीपेड कर दिए हैं, जिससे मध्यम और गरीब वर्ग परेशान है। बार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उपभोक्ताओं की समस्याओं का शीघ्र निस्तारण नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे।