बांदा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल में शनिवार को दूसरे दिन भी बैंक बंद रहे। बैंक संगठनों ने प्रदर्शन और धरने के बीच सभाएं कीं। उधर, बैंकों में हड़ताल से दूसरे दिन भी लगभग एक अरब रुपये का बैंकिंग व्यवसाय नहीं हो पाया। दो दिनों की हड़ताल में तकरीबन दो अरब रुपये का लेन-देन और क्लीयरिंग आदि बाधित हुई।
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन जिला मंत्री रावेंद्र कुमार शुक्ल ने बताया कि दूसरे दिन भी सिविल लाइन स्थित इलाहाबाद बैंक शाखा के सामने बैंक कर्मियों ने प्रदर्शन किया। आईबीए पर हठधर्मी का आरोप लगाते हुए कहा कि मांगें पूरी न होने तक बैंक कर्मी संगठन आंदोलन करते रहेंगे। उनकी मांगें जायज हैं।
आईबीए (इंडियन बैंक एसोसिएशन) पर झूठा और भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया। 10 सूत्री मांगों में पे-स्लिप पर 20 प्रतिशत वेतन वृद्धि, 5 दिवसीय बैंकिंग, मूलवेतन के साथ विशेष भत्ते का विलय, नई पेंशन एनपीएस खत्म करने, पेंशन का समय से रिवीजन और पारिवारिक पेंशन में सुधार आदि की मांगें शामिल हैं।
हड़ताल और आंदोलन में यूपीबीईयू के रावेंद्र, हरीनारायण तिवारी व अंकुर श्रीवास्तव, इलाहाबाद बैंक रिटायरीज यूनियन के मंत्री राघवेंद्र शुक्ल, हरी प्रसाद वर्मा, रजत कुमार, राघवेंद्र निगम, शशिकांत गुप्ता, दीपक शुक्ला, वैभव मिश्रा, सुधीर शर्मा, आलोक, आकाश, राजाबाबू सहित बड़ी संख्या में बैंक कर्मी शामिल रहे।