बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को क्षेत्रीय कार्यालय में धरना दिया। विरोध-प्रदर्शन करते हुए सरकार विरोधी नारे लगए। बैंकों में हड़ताल से करीब 50 करोड़ रुपये का लेन-देन ठप रहा। हालांकि ज्यादातर एटीएम में पर्याप्त कैश होने से लोगों की मुश्किलें कम हुईं।
यूनाइटेड फोरम आफ इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक यूनियंस के तत्वावधान में एक दिवसीय हड़ताल में मंगलवार को व्यवसायिक व सरकारी बैंकों में पूर्णतया तालाबंदी रही। कुछ प्राइवेट बैंक खुले, लेकिन यूनियन नेताओं ने उन्हें भी बंद करने का दबाव बनाया। संयोजक टीडी सागर की अगुवाई में सुबह 10 बजे बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों ने क्षेत्रीय कार्यालय में आक्रोश जाहिर किया। धरने में कहा कि यदि सरकार उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं करती तो फोरम सरकारी योजनाओं का बहिष्कार करेगा।
सरकार के कुचक्र को जनता के सामने लाया जाएगा। उनकी प्रमुख मांगों में पेमेंट आफ ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत उपदान की सीमा हटाने तथा उपदान और अवकाश नकदीकरण के सेवानिवृत्त के अवसर पर आयकर से पूरी छूट देने, कर्मकार व अधिकारी निदेशकों के सभी बैंकों में तुरंत नियुक्ति करने, बैंक कर्मचारी के लिए अगले वेतन पुनरीक्षण प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने, रिजर्व बैंक आफ इंडिया, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के अनुरूप पेंशन योजना में पेंशन संबंधित मुद्दों में सुधार करने आदि मांगे प्रमुख रहीं।
अनुकंपा के आधार पर आश्रितों को शीघ्र नौकरी दिलाने का भी मुद्दा उठाया। इस दौरान उमाशंकर अवस्थी, राजकुमार तिवारी, रमेश मिश्रा, उदयभान, दुलीचंद, सीताराम यादव, आशीष, अभिषेक, धीरेंद्र, पुलकित सचान, महेंद्र, शरद, रमाशंकर, परसन्नीलाल, करुणेश सिंह, बीबी त्रिपाठी, वीपी सिंह, मुन्नीलाल, रामसनेही पवार, ज्ञान सिंह, अदिति शुक्ला, आदि मौजूद रहे।
यूपी बैंक इंपलाइज यूनियन के बैनर तले सभी बैंकों की अखिल भारतीय हड़ताल में बैंक आफीसर फेडरेशन सहायक महामंत्री कुलदीप यादव, कार्यकारिणी सदस्य नरेंद्र कश्यप ने दावा किया कि चित्रकूधाम मंडल के चारों जनपदों में सारे बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हुए। यूनियन ने नोटबंदी में अधिक समय तक कार्य करने का ओवर टाइम देने व खराब ऋणों की वसूली के लिए कठोर उपाय आदि की भी मांग रखी। आरके गुबरैले (पीएनबी), सुधीर कुमार शुक्ला, अभिषेक साहू, नरेंद्र यादव, सुखदेव वर्मा, शिवांशु वर्मा, विश्वजीत साहू, देवेंद्र, इमरान खान, मोहम्मद् शान, पुष्पेंद्र सिंह आदि ने विरोध-प्रदर्शन में शामिल होकर सरकार विरोधी नारे लगाए।