बांदा। जिले में चयनित 61 मॉडल गांवों के विकास कार्य ठप पड़े हैं। इसकी वजह इन गांवों के सचिवों का बजट दबाए बैठना है। बजट जारी होने के एक माह बाद भी विकास कार्य शुरू नहीं किए गए हैं। इसको संज्ञान में लेते हुए डीपीआरओ ने संबंधित ग्राम विकास अधिकारियों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
डीपीआरओ ने बताया कि जिले में 72 राजस्व ग्रामों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है। इसमें से सिर्फ 11 गांवों में ही विकास कार्य शुरू कराए गए हैं। गांवों में सोकपिट, नाली निर्माण, डस्टबिन, प्लास्टिक बैंक, ई-रिक्शा सहित पानी, बिजली, सड़क आदि विकास कार्य कराए जाने हैं। मॉडल ग्रामों के विकास के लिए नवंबर माह में 27 करोड़ धनराशि जारी की जा चुकी है। इसके बाद भी जिन गांवों में काम ठप हैं।
इनमें बबेरू ब्लाक के बबेरू ग्रामीण, मर्का बांगर, मुरवल, रमपुरवा, अमरगंज, सिमैनी, हरदौली, पतवन, समगरा, अलिहा, मवई खुर्द शामिल हैं।
बड़ोखर ब्लाक के कनवारा, मवई बुजुर्ग, तिंदवारा, पचनेही, दुरेडी, जारी, गोयरामुगली, गुरेह शामिल हैं। बिसंडा ब्लाक के बाघा, बल्लान, कोर्रही, कैरी, सिंहपुर, पुनाहुर, उतरवां, चौसड़, तेंदुरा, ओरन ग्रामीण शामिल हैं। जसपुरा ब्लाक के जसपुरा, कमसिन ब्लाक के इंगुवा, मऊ, परसौली, खंहौरा, खुरहंड, निभौरा शामिल हैं। महुआ ब्लाक के बड़ोखर बुजुर्ग, बिलगांव, गिरवां, जमालपुर, मिर्जापुर, पतरहा, गौर शिवपुर, पनगरा शामिल हैं।
नरैनी ब्लाक के बदौसा, करतल, महोत्तरा, पौहार, सढ़ा, सिजहरी, डढ़वामानपुर, दुबरिया, चंदौर, गिरधरपुर, तरहटी कालिंजर, तुर्रा, अतर्रा ग्रामीण, गुढ़ाकला और तिंदवारी ब्लाक के बेंदा, मुंगुस, पपरेंदा शामिल हैं।