बांदा। नगर पालिका परिषद में वित्तीय वर्ष की बजट बैठक गलत रिपोर्ट पेश किए जाने पर जहां हंगामे की भेंट चढ़ गई। वहीं सभासदों ने ईओ व प्रशासक एवं एसडीएम पर व्यक्तिगत उपयोग में पालिका से डीजल पेट्रोल लेने का आरोप लगाया। सभासदों कहना कि एसडीएम अतर्रा को पालिका प्रशासक का प्रभार मिलने के बाद ही ईंधन में प्रतिमाह एक लाख रुपये बढ़ जाना भ्रष्टाचार होने की पुष्टि कर रहा है।
मामला ईंधन व सफाई पर जैसे ही आया सभासद चुन्नुराम सैनी और विष्णुदेव तिवारी ने ईओ पर घर जाने तथा प्रशासक व एसडीएम द्वारा नगर पालिका का प्रभार मिलते ही एक चार पहिया गाड़ी व निजी उपयोग हेतु ईंधन लेने का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे।
सभासदों ने कहा कि एसडीएम ने प्रशासक का चार्ज संभालते ही सफाई व्यवस्था को ठीक करने की बात कही थी, लेकिन सफाई व्यवस्था तो नहीं सुधरी, बल्कि लाखों रुपये का डीजल-पेट्रोल निजी उपयोग में जरूर खर्च होने लगा। सभासदों ने जिसकी शिकायत डीएम, कमिश्नर समेत विभागीय मंत्री से करने की बात कही।
कार्यकाल के अंतिम बजट बैठक में ईओ द्वारा मौजूद 21 निर्वाचित व पांच नामित सभासदों के सामने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। इस पर प्रशासक ने बिंदुवार चर्चा की।
15वें वित्त योजना में निर्मित सड़कों के निर्माण की टीएसी जांच कराने की भी मांग की। बजट बैठक में पिछले वर्ष के आय-व्यय का विवरण न मिलने पर रणधीर सिंह, भानु सिंह, वीरेंद्र यादव, अनिल सैनी समेत उपस्थित अन्य सभासदों ने बजट को स्वीकृत नही किया।