महुटा रजबहा की मिट्टी कटने से खेतों में भरता पानी।
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नरैनी। फसल सिंचाई के लिए बरियारपुर बांध से छोड़े गए पानी ने सिंचाई विभाग के दावों की पोल खोल दी। मरम्मत न होने से नहर पटरी की पटरी की मिट्टी कट गई। इससे करीब 25 किसानों की 100 बीघा फसल जलमग्न हो गई। दिन-रात खेत की रखवाली कर रहे किसानों ने मवेशियों से तो फसल बचा ली अब खेत में भरे पानी से फसल नष्ट होने की कगार पर है। किसान करीब 70 फीसदी फसल खराब होना बता रहे हैं।
अतर्रा मुख्य नहर से निकली महुटा रजबहा की मिट्टी कटने से पानी खेतों में भर गया। फसलें जलमग्न हो गईं। किसान राममिलन प्रजापति, मदन गोपाल शुक्ला, रामेश्वर शुक्ला, रामकिशोर, बाबू, फूलचंद्र, बच्चा, राधेश्याम, चुन्नू आदि ने बताया कि कुछ दिन पहले सिंचाई विभाग द्वारा जेसीबी की मदद से महुटा रजबहा की मरम्मत कराई गई थी।
बरियारपुर बांध से पानी छोड़े जाने पर मिट्टी कट गई और पानी खेतों में भर गया। आरोप लगाया कि नहर की सफाई न कराने और ठीक से मरम्मत न होने की वजह से खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। किसानों का कहा है कि जब तक पक्की पिचिंग नहीं बनाई जाएगी यही स्थिति बनी रहेगी।
केन नहर प्रखंड अवर अभियंता मनीष कुमार का कहना है कि किसानों की सूचना पर नहर का पानी बंद करवा दिया गया है। रजबहा की मरम्मत कराई जा रही है।