बांदा। जिला अस्पताल की डिजिटल एक्सरे मशीन में चूहा घुस गया। चूहे ने एक्सरे जेनरेट का पार्ट खराब कर दिया। इससे डिजिटल एक्सरे ठप हैं। खराब पार्ट बदलने के लिए पांच लाख की दरकार है। मैनुअल एक्सरे की सुविधा है, इससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 100 से 150 एक्सरे कराए जाते हैं। एक माह पहले चूहा घुसने से डिजिटल एक्सरे मशीन तकनीकी गड़बड़ी से ठप हो गई थी। तब से डिजिटल एक्स रे करने वाला स्टाफ भी फ्री है। कुछ दिन पहले सीएमएस की मांग पर लखनऊ से आए टेक्निशियन ने मशीन की जांच की थी।
बताया था कि एक्सरे जेनरेट करने वाले पार्ट में खराबी है। इसे बदलना पड़ेगा। मरीजों की सुविधा के लिए सीएमएस ने मैनुअल एक्सरे शुरू करा दिए हैं। अब मरीज को आधा-पौन घंटा इंतजार में परेशान होना पड़ता है। पिपरी गांव के रोहित कुमार और पचनेही गांव के सुनील कुमार ने बताया कि वह सीने का एक्सरे कराने जिला अस्पताल आए हैं। काफी देर से अपने नंबर के इंतजार में बैठे हैं।
डिजिटल एक्सरे मशीन का पार्ट बदलने के लिए पांच लाख रुपये बजट की दरकार है। शासन को पत्र भेजा है। बजट आते ही एक्सरे मशीन दुरुस्त कराई जाएगी।-डॉ. एसएन सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल बांदा।
मुशर्रफ खां