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बांदाः व्यापारियों के सर्वे का आदेश अव्यवहारिक

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Banda: Survey order of traders impractical - फोटो : BANDA
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अमर उजाला ब्यूरो
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बांदा। जीएसटी विभाग की हर यूनिट को हर माह 10 व्यापारियों के सर्वे के आदेश का जिला उद्योग व्यापार मंडल ने विरोध किया है। इसे अप्रजातांत्रिक और अव्यवहारिक बताते हुए वापस लेने की मांग की है। बुधवार को वाणिज्य कर ज्वाइंट कमिश्नर सरिता सिंह और राजेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपे।
प्रदेश के वाणिज्य कर आयुक्त को संबोधित ज्ञापन में बताया कि उद्योग व्यापार मंडल बिक्री कर सर्वे का 1980 से विरोध कर रहा है। वैट का भी विरोध किया। अब जीएसटी सर्वे के भी विरोध में है। इन सर्वे से राजस्व नहीं बढ़ा। जीएसटी लागू होने के बाद हर वर्ष राजस्व बढ़कर आ रहा है, जबकि कोई सर्वे भी नहीं हो रहा है। व्यापारी पूरी ईमानदारी से टैक्स अदा कर रहे हैं। ज्ञापन में कहा कि हाल ही में जारी किए आदेश में एसआईबी सर्वे में प्रत्येक यूनिट को 10 व्यापारियों का सर्वे करने का कोटा निर्धारित कर दिया है। व्यापारी मंडल ने कहा कि ऐसे आदेशों से राजस्व नहीं बढ़ता बल्कि अधिकारियों की जेब की आमदनी जरूर बढ़ जाती है। पिछली सरकारों ने सर्वे का कोई आदेश नहीं दिया था।
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व्यापारी नेताओं ने कहा कि सर्वे के आदेश से व्यापारियों और विभाग के बीच समन्वय बिगड़ेगा। मांग की कि इस आदेश को वापस लिया जाए। व्यापार मंडल के निर्णय के मुताबिक कोई व्यापारी सर्वे नहीं कराएगा। अधिकारी सर्वे करने आएंगे तो विवाद होगा। ज्ञापन देने वालों में संगठन के प्रदेश संयुक्त मंत्री चारु चंद्र खरे, जिलाध्यक्ष सत्य प्रकाश सराफ, महामंत्री कमलेश गुप्ता, मंडल अध्यक्ष विष्णु कुमार गुप्ता, उपाध्यक्ष व नगर प्रभारी शिवपूजन गुप्ता, दिलीप गुप्ता, प्रेम गुप्ता, निखिल सक्सेना आदि शामिल रहे।
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