बांदा : कलक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक करते डिप्टी सीएम केशव मौर्य। साथ में राज्यमं?
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बांदा। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जल जीवन मिशन योजना के तहत पाइप लाइन डालने के लिए सड़कें खोदकर छोड़ देने के मामले में नाराजगी जताई है। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिए हैं कि गांव-गांव जाकर चेक करें कि हर घर नल से जल योजना के तहत जहां जहां पाइप लाइनें डाली गई हैं, वहां सड़कें अभी भी खुदी तो नहीं पड़ीं।
पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने बताया कि अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यह भी देखें कि पाइप लाइन सही पड़ी है या नहीं। यदि सड़क नहीं बनी तो पता करें कि कार्य क्यों लटका है और कब तक पूरा होगा। अफसर इसकी रिपोर्ट शासन को भेजेंगे।
इसके अलावा शहरी क्षेत्र की सड़कों को भी हर हाल में गड्ढामुक्त रखने को कहा गया है। अन्ना मवेशियों के स्थायी समाधान के लिए गोशालाओं में संरक्षित करने व नेपियर घास की खेती कर चारा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जो कमियां आ रही हैं, उन्हें जल्द पूरा किया जाएगा।
उप मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, सांसद आरके पटेल, विधायक प्रकाश द्विवेदी, ओममणि वर्मा और अन्य पदाधिकारियों ने सामूहिक हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपा। इसमें बांदा कृषि विश्वविद्यालय का नाम महर्षि वामदेव के नाम से करने, कई दशक से अधूरी पड़ी शहर की सीवर योजना पूरी करने और अतर्रा में बाईपास व रेलवे क्रासिंग बनवाने की मांगें शामिल हैं।