बांदा। चंडीगढ़ में इसी माह आयोजित राष्ट्र स्तरीय ‘आधुनिक तकनीक द्वारा भारतीय कृषि का पुन: निर्माण’ प्रतियोगिता में यहां के कृषि विश्वविद्यालय के दो छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्हें द्वितीय स्थान मिला। पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये और प्रमाणपत्र दिया गया। कृषि विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ.बीके गुप्ता ने बताया कि 19 से 22 नवंबर तक हुए आयोजन में देश के 18 प्रमुख कृषि विश्वविद्यालयों के छात्रों समेत भारतीय तकनीकी संस्थान, मद्रास, हैदराबाद और बिरला तकनीकी संस्थान, नई दिल्ली तथा भारतीय प्रबंध संस्थान अहमदाबाद आदि संस्थाओं के कुल 67 छात्र शामिल थे।
उन्हें इसराइल, गिरीश, मलेशिया समेत भारत के वैज्ञानिक और विशेषज्ञों ने विभिन्न व्यवसायिक संस्थाओं द्वारा की जा रही कृषि आधारित खोजों की जानकारी दी। प्रतिभागियों को समूह में बांटकर छह विषयों पर परियोजना बनाने को कहा गया। साथ ही उसके परिणाम और प्रभाव के बारे में पूछा गया।बांदा के छात्र प्रणव कुमार और देवी प्रसाद शुक्ल ने भारतीय तकनीकी संस्थान, मद्रास के छात्र शशांक गुप्ता और गोसल्या रामासामी के साथ मिलकर डाटा प्रोसेसिंग और एनालिटिक्स विषय पर मोबाइल के माध्यम से किसानों को उपयोगी जानकारी देने का मोबाइल आधारित एक ऐप विकसित किया।
इसके जरिये कृषि संबंधी किसी भी समस्या का समाधान तुरंत जाना जा सकता है। निर्णायक मंडल ने इन दोनों छात्रों को द्वितीय स्थान दिया। बुधवार को यहां विश्वविद्यालय ने कुलपति डॉ.एसएल गोस्वामी ने दोनों मेधावी छात्रों को शाबासी दी। निदेशक प्रसार प्रो.डॉ.एनके वाजपेई ने कहा कि प्राध्यापकों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का यह नतीजा है। कुलसचिव देवीदास ने भी दोनों छात्रों को बधाई दी। कृषि संकाय के सह अधिष्ठाता डॉ.एलके गंगवार, उद्यान संकाय के डॉ. एसवी द्विवेदी, छात्र कल्याण के डॉ.वीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ.एसके सिंह, डॉ.एके सिंह, डॉ.देव कुमार, डॉ.बीके गुप्ता, डॉ.विवेक सिंह, डॉ.वीके सिंह, सुनील कुमार, डॉ.विशाल युग आदि शामिल रहे।