बांदा जिले में कबौली गांव के प्रधान व उसकी पत्नी के खिलाफ तहसीलदार ने फर्जीवाड़ा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों के ऊपर फर्जी तरीके से पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप है। तहसीलदार सत्य प्रकाश और कबौली गांव के तौफीक रजा ने संयुक्त रूप से कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कबौली गांव निवासी अशफाक पुत्र मुश्ताक और इनकी पत्नी अकबरी खातून ने तहसील प्रशासन को गुमराह कर वर्ष 2010 और 2021 में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र जारी करा लिया था।
इस प्रमाण पत्र का दोनों आरोपी अशफाक ग्राम प्रधान की सामान्य सीट से वर्ष 2010 व 2021 में ग्राम प्रधान पद का चुनाव भी लड़ा और प्रधानी भी जीत गया। तहसीलदार ने बीते 24 सितंबर को दोनों के जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिए थे। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि आरोपी अशफाक और अकबरी खातून के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ग्राम प्रधान अशफाक ने पंचायत निर्वाचन में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र लगाकर चुनाव लड़ा था। वर्तमान में वह ग्राम प्रधान है। शिकायतकर्ता तौफीक रजा ने बताया कि उन्होंने बीते वर्ष जून माह में एसडीएम और डीएम से शिकायत की थी। डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कमेटी गठित कर जांच कराई। जिसमें गड़बड़ी उजागर हुई। अशफाक को सामान्य वर्ग का पाया गया।