मवई बुजुर्ग गांव में घूंघट को ओट में पानी ढोतीं महिलाएं।
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बांदा। कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव में तीन दिन से पानी की सप्लाई बंद है। गांव से करीब दो किलोमीटर दूर बरम बाबा का स्थान है। ग्रामीण वहां पर लगे हैंडपंप से रिक्शा, साइकिल और सिर पर पानी का डिब्बा रखकर पीने का पानी ला रहे हैं। हालात यह हैं कि पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने के चलते बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक गांव के नलों का फ्लोराइड युक्त खारा पानी होने की वजह से लोग सप्लाई का पानी पीते हैं। अब सप्लाई का पानी भी नहीं आ रहा है। इसकी वजह पाइप लाइन बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के पास करीब एक हफ्ते से टूटी है।
इसके चलते पानी की सप्लाई गांव में नहीं आ रही है। आरोप है कि प्रधान अपने चहेतों को टैंकर से पानी मंगवा कर दे रहे हैं। अन्य गांव के लोग तीन किमी दूूूर से पानी भरकर ला रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि घर के सभी बच्चे-बूढे़ पानी भरने दूर जाते हैं। ये भी डर सताता है, कहीं कोई दुर्घटना का शिकार न हो जाए।
गांव के शिव कुमार, बुधराज का कहना है कि कई दिनों से पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। इस वजह से करीब दो किमी दूर बरमबाबा स्थान से पानी लाना पड़ रहा है। वहीं लल्लू व प्रकाश व बुद्ध राज का कहना है कि ग्राम पंचायत के द्वारा पानी के टैंकर की व्यवस्था तो है, मगर कुछ लोगों को ही पीने का पानी मिल पा रहा है। जिससे ग्रामीणों में खासा आक्रोश है।
हैंडपंप में पानी भरती युवतियां।- फोटो : BANDA