बांदा। ग्राम पंचायत निधि में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए खर्च किए जा रहे धन की ऑनलाइन निगरानी होगी। इसके लिए जिले की 469 पंचायतों का गेटवे बनाया जा रहा है। इसके जरिये पंचायतें विकास कार्यों का भुगतान ऑनलाइन कर सकेंगी। अभी तक बिल बाउचर लगाकर पंचायत कर्मी भुगतान करा लेते थे, लेकिन आगे से ऐसा नहीं हो पाएगा।
जिले के आठ ब्लॉकों में 469 ग्राम पंचायतें हैं। इनको केंद्र एवं राज्य सरकार विकास समेत अन्य कार्यों के लिए अलग-अलग बजट देती हैं। पंचायत निधि समेत अन्य निधियों से होने वाले कार्यों का भुगतान पंचायत अपने स्तर से ही करती हैं। इनमें गड़बड़ी की भी शिकायत मिलती हैं। गड़बड़ी रोकने के लिए अब भुगतान के लिए पंचायत गेटवे तैयार किया गया है। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इससे ऑनलाइन भुगतान पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी।
पंचायत गेटवे के इस्तेमाल की ट्रेनिंग सचिव एवं पंचायत सहायक को दी गई है। गलत तरीके से होने वाले भुगतान इस तकनीकी से आसानी से पकड़े जा सकेंगे। सभी ग्राम पंचायतों के सचिवालय में गेटवे अनिवार्य रूप से इंस्टाल किया जाएगा। डीपीआरओ अजय आनंद सरोज का कहना है सभी ग्राम पंचायतों में ऑनलाइन तरीके से भुगतान किया जाएगा। जल्द ही यह प्रणाली इस्तेमाल में लाई जाएगी।
ये है व्यवस्था
-सभी पंचायत सचिवालयों में गेटवे इंस्टाल करने के निर्देश
-सिर्फ वर्किंग डे पर सुबह 10 से पांच बजे तक होगा भुगतान
- विकास कार्यों की फोटो अपलोड होने के बाद ही ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया होगी आरंभ