दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस व पत्रावली का अवलोकन करने के पश्चात आरोपी को दोषी पाते हुए चार वर्ष के कारावास, पांच हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। वहीं धारा 354 में तीन वर्ष की कारावास व चार हजार जुर्माना किया गया।
जुर्माना अदा न करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास व आठ पॉक्सो एक्ट में चार वर्ष की सजा व पांच हजार जुर्माना किया। जुर्माना न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास होगा। विशेष अभियोजक रामसुफल सिंह गौर, अमर सिंह गौतम, वीरेंद्र द्विवेदी ने पैरवी की।