15बीएनडीपी01 नर्स की करतूत बताती प्रसव पीड़िता की जेठानी नीतू
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अतर्रा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के लिए आई गर्भवती को स्टॉफ नर्स ने रेफर कर दिया। आरोप है कि नर्स एक हजार रुपये मांग रही थी, न देने पर प्रसव नहीं कराया। घर जा रही गर्भवती ने सड़क पर बेटी को जन्म दिया। महिलाओं ने बारिश के दौरान पन्नी ओढ़ाकर प्रसव कराया। इस दौरान अस्पताल पहुंचे मरीज के तीमारदारों और नर्स में तीखी नोकझोंक भी हुई। परिजनों ने नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामला बुधवार की शाम करीब सात बजे का है। बदौसा रोड पर स्थिति तहसील के नजदीक राजा तालाब मुहल्ला निवासी गर्भवती छोटी को प्रसव पीड़ा होने पर जेठानी नीतू व अन्य पारिवारिक सदस्य सीएचसी में भर्ती कराने के लिए गए। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सहित स्टाफ नर्स ने छोटी को भर्ती करने के बाद तीमारदारों से अस्पताल के सामने खुले प्राइवेट मेडिकल स्टोर से दवाई मंगाई।
इसके बाद एक हजार रुपये प्रसव कराने के नाम पर मांगे। छोटी के परिजनों ने एक हजार रुपये देने से इन्कार कर दिया। इस पर नर्स खफा हो गई लड़ाई में आमादा हो गई और गर्भवती को जिला अस्पताल रेफर का पर्चा थमाते हुए तत्काल जाने के लिए कहा। कई बार आग्रह करने के बाद भी डॉक्टर और स्टाफ नर्स नहीं माने तो गर्भवती के परिजनों ने अवैध उगाही होने पर जमकर हंगामा काटा।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय विश्वकर्मा ने कहा मामला संज्ञान में आया है। संबंधित नर्स सहित अन्य के खिलाफ जांच कराकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने सीएससी प्रभारी को फोन से फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।