रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज। (प्रतीकात्मक फोटो)
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बांदा। रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में 12 बेड (वॉर्मर) के सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) के लिए शासन ने 16 लाख रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। इसमें चार लाख रुपये उपकरण की खरीद पर और छह लाख रुपये वार्ड निर्माण पर खर्च होंगे। इसे पीडियाट्रिक केयर यूनिट (पीकू) के बगल में बनाया जाएगा।
मेडिकल कालेज में अभी तक सिर्फ पांच बेड का सिक न्यू बॉर्न केयर यूनिट थी। वॉर्मर की पर्याप्त संख्या न होने से मजबूरन एक मशीन में दो-दो बच्चों को रखा जा रहा है। इसके अलावा अन्य शिशुओं को दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया जाता है। इससे तीमारदार बच्चों को जिला महिला अस्पताल के एसएनसीयू या फिर प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर भर्ती करते थे।
अब मेडिकल कॉलेज में 12 वॉर्मर मशीनें और बढ़ने से लोगों को राहत मिलेगी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा है कि एक सप्ताह में 12 नए बेड के साथ एसएनसीयू शुरू हो जाएगा। इस यूनिट में कुल 17 बेड हो जाएंगे।
प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि इसके लिए शासन से 16 लाख रुपये मिल गए हैं। उपकरण खरीद और वार्ड निर्माण पर कुल 10 लाख रुपये खर्च होंगे। शेष छह लाख रुपये में वॉर्मर खरीदे जाएंगे। लखनऊ से उपकरण मंगाए जा रहे हैं।
रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में पीपीपी मॉडल के तहत एमआरआई और सीटी स्कैन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि एनएचएम के तहत उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन से टेंडर कराए गए हैं।
इसकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मेडिकल कॉलेज में 128 स्लाइस क्षमता की सीटी स्कैन स्वीकृत हुई है। इसमें लगभग 10 लाख रुपये लागत आएगी। इसके अलावा एमआरआई मशीन की लागत करीब सात लाख है। दोनों मशीनें रेडियोलॉजी विभाग में लगाई जाएंगी।
पंकज शर्मा