फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Banda News: अन्नदाता हुआ बेहाल, खेती बाड़ी कौन करे...

विज्ञापन
फोटो 26 बीएनडीपी 04- तुलसी काव्य गोष्ठी में रचनाएं प्रस्तुत करते कवि। संवाद - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की मासिक तुलसी पूजन काव्य गोष्ठी आनंद किशोर के राम द्वारिका भवन में हुई। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. गया प्रसाद त्रिपाठी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के चित्र पर माल्यार्पण से की।
विज्ञापन

मनोज कुमार मृदुल ने रचना पढ़ी-जिंदगी क्या खास थी। चंद्रप्रकाश व्यथित ने पढ़ी-मनभावन मधु ऋतु है बसंत। डॉ. शिव प्रकाश ने सिंह ने पढ़ी-बड़े बड़ों का जन्मदिवस ही बड़ा दिन कहलाएगा। ठाकुरदास शर्मा पंक्षी ने पढ़ी, रणवीर मरा करते न कभी, दिव्या द्विवेदी ने कागज का दर्ज, डॉ. रमेश त्रिपाठी ने गुजरे जमाने को मैं ढूंढता हूं, राजेश तिवारी रजंन ने अन्नदाता हुआ बेहाल, खेती-बाड़ी कौन करे, रचना पेश की।
भानु प्रताप ने नया वर्ष जनजन के मन में, मिथलेश मिश्र ने राह भटकता वही मनुज है, रीता आनंद मंजुल ने बीत गया सो बी गया पछतावा भी क्या गाना है, केवल प्रसाद ने सखी आ गए लेवउवा, राम प्रसाद वियोगी ने चिट्ठी किसको भेेजी जाए, जिलाध्यक्ष व साहित्यकार राम प्रताप शुक्ला मानस किंकर ने हे नाथ अभय करिए जग में, रचना प्रस्तुत की। कार्यक्रम के अंत में समाजसेवी राकेश गुप्ता के निधन पर दो मिनट का मौन रखा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें