बांदा। जिले की आठ ग्राम पंचायतों में दो वर्ष से अटल उद्यान अधूरे पड़े हैं। इन्हें विकसित करने के नाम पर एक करोड़ रुपये खर्च करने वाले मनरेगा उपायुक्त से काम अधूरे होने का कारण पूछा गया तो बोले-मैं कुछ नहीं बताऊंगा, आप लोग सिर्फ कमियां ढूंढते रहते हैं।
अटल उद्यान में युवाओं के लिए खेल मैदान और बच्चों के मनोरंजन के लिए बनने वाले पार्क बनने हैं। ऐसे में काम अधूरे होने से इन ग्राम पंचायतों के युवा और बच्चे निराश हैं।
जिले में वर्ष 2020-21 में तत्कालीन कमिश्नर दिनेश सिंह ने जिले की प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक बीघा जमीन पर अटल उद्यान का निर्माण कराने के निर्देश दिए थे। प्रत्येक पार्क के निर्माण में 40 से 50 लाख खर्च होने थे। मनरेगा के तहत यह कार्य शुरू कराया गया था।
इसमें आठ ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू कराया गया। शुरुआती दिनों में पार्क में मिट्टी का समतलीकरण बाउंडीवॉल, मार्निंग स्पाट आदि का निर्माण कराया गया। इन पार्कों के निर्माण में करीब एक करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए थे, लेकिन तत्कालीन कमिश्नर के स्थानांतरित होते की मनरेगा के अफसरों ने कराए जा रहे निर्माण कार्यों की तरफ से मुंह मोड़ लिया। अब न तो इन पार्को की समीक्षा होती और न ही इनका निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है।
यहां हो रहा निर्माण
ब्लॉक ग्राम पंचायत लागत
बड़ोखर खुर्द महोखर 61.75 लाख
बिसंडा बिसंडी 34.12 लाख
----- कोर्रम 39.95 लाख
----- मझीवासानी 19.61 लाख
महुआ नौहाई 30.32 लाख
---- खुरहंड 38.27 लाख
तिंदवारी सांडी 43.75 लाख
कमासिन अमलोखर 81.43 लाख
ये कराए जाने निर्माण कार्य
उद्यान के एक हिस्से में बनने वाले खेल मैदान में युवाओं के लिए बैडमिंटन, बालीवॉल, कबड्डी सहित कई खेलों की सुविधा की जानी थी। इसके अलावा परिसर में ही बच्चों के मनोरंजन के लिए झूला, घिसलन पट्टी आदि बनाई जानी थी। पार्क में एक मार्निंग स्पाट और व्यायाम स्थल बनाने की भी योजना थी।
मनरेगा की सुस्ती से रुका निर्माण
डीपीआरओ अजय आनंद का कहना है कि अटल उद्यान के निर्माण में 80 फीसदी धनराशि मनरेगा और 20 फीसदी धनराशि ग्राम पंचायत से खर्च होनी थी। मनरेगा के अफसरों ने पार्कों के निर्माण में रुचि नहीं ली। इससे ग्राम पंचायत भी सुस्त हो गईं।
उपायुक्त बोले, सीडीओ साहब से पूछो
मनरेगा उपायुक्त राघवेंद्र तिवारी का कहना है कि प्लीज इस संबंध में मैं कुछ नहीं बताऊंगा। आप लोग सिर्फ कमियां ही ढूंढते रहते हैं। सीडीओ साहब से पूछो। इस संबंध में सीडीओ वेद प्रकाश मौर्या से बात की गई तो उन्होंने कहा कि पता करके बताऊंगा।