पड़मई गांव में चारपाई पर बोतल चढ़ाकर इलाज करते चिकित्सक।
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नरैनी। पड़मई गांव में लगातार डायरिया के मरीज सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम गुरुवार को गांव पहुंच गई। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव टीम के साथ गांव पहुंचे। घर-घर सर्वे कराया।
टीम ने डायरिया के 17 मरीज चिह्नित किए गए। इनमें आठ बच्चे हैं। दो गंभीर डायरिया ग्रसित रोगियों को जिला अस्पताल भेजा। टीम में डॉ. अजय कुमार, डीपीएम कुशव यादव, डॉ. ज्योत्सना, डॉ. सुधा, नेत्र परीक्षण अधिकारी पंकज नामदेव, रामकिशोर वर्मा रहे।
डेंगू से दो मौतों के बाद गुरुवार को बुखार ने महिला की जान ले ली। डेंगू और बुखार तेजी से पांव पसार रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग जिम्मेदारी से मुंह मोड़े है।
गिरवां क्षेत्र के बहेरी गांव निवासी जगदीश की पत्नी सुशीला (50) को कई दिन से बुखार आ रहा था। बुधवार को हालत गंभीर होने पर घरवालों ने उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया। गुरुवार को सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। उसकी प्लेटलेट्स बेहद कम थीं, लेकिन जांच में डेंगू नहीं निकला।
कमासिन पीएचसी अंतर्गत नरायनपुर गांव निवासी ओमप्रकाश वर्मा की पुत्री गुडिय़ा (8) की मंगलवार को प्रयागराज में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। इसी तरह श्यामसुंदर (45) ने भी प्रयागराज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों मृतकों के परिजनों ने निजी पैथालाजी जांच में डेंगू की पुष्टि होना बताया है।