फोटो 06 बीएनडीपी 12- बबेरू में घसिला तालाब में नाव द्वारा किया गया मूर्ति विसर्जन। संवाद
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बांदा। दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ ही नवरात्र महोत्सव खत्म हो गया। बुधवार को विसर्जन जुलूस की धूम रही। झमाझम बारिश भी जुलूस में शामिल युवाओं का उत्साह कम नहीं कर सकी। शहर में स्थित केन नदी में देर रात तक लगभग दो सौ दुर्गा प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी प्रमुख स्थलों से लेकर विसर्जन घाट तक निगरानी करते रहे।
इस बार भी नवाबी जामा मस्जिद के सामने की सड़क से विसर्जन जुलूस गुजरा। हालांकि प्रशासन ने मस्जिद के इर्दगिर्द बैरीकेडिंग करवा दी गई थी। कौमी एकता की मिसाल पेश करते हुए शांतिपूर्वक विसर्जन जुलूस निकला। विभिन्न इलाकों की प्रतिमाओं में युवक-युवतियां डीजे की धुन पर गूंज रहे देवी गीतों पर थिरकते और अबीर-गुलाल उड़ाते रहे।
केन नदी में प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए प्रशासन ने 22 जोड़ी नावों की व्यवस्था की थी। भारी-भरकम प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए चार से छह नावों तक का इस्तेमाल किया गया। केंद्रीय महोत्सव समिति पदाधिकारी देवी प्रतिमा विमानों को सही ढंग से गुजारने में लगे रहे।
उधर, केंद्रीय दुर्गा पूजा महोत्सव समिति ने महेश्वरी देवी चौराहे और चौक बाजार मे स्टाल लगाकर देवी पंडाल आयोजकों को शील्ड आदि देकर सम्मानित किया। संरक्षक पूर्व विधायक राजकुमार शिवहरे, अध्यक्ष अमित सेठ भोलू सहित पूर्व चेयरमैन राजकुमार राज, मनोज जैन, मुदित शर्मा आदि उपस्थित रहे। डीएम अनुराग पटेल, एसपी अभिनंदन, एएसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार, सीओ अंबिका त्रिवेदी, यातायात क्षेत्राधिकारी सत्यप्रकाश शर्मा आदि लगातार भ्रमण करते रहे।
फोटो 06 बीएनडीपी 13- बदौसा में मूर्ति विसर्जन के दौरान उमड़ा हुजूम। संवाद- फोटो : BANDA