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बांदा : एमपी के रास्ते ‘लंपी’ का प्रवेश, तीन गोवंश संक्रमित, पशु चिकित्सकों के साधारण इलाज से गोवंश हुए ठीक

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बांदा। मध्यप्रदेश के सीमावर्ती जिलों के रास्ते से लंपी रोग ने बुंदेलखंड में भी दस्तक दे दी है। चित्रकूटधाम मंडल के 1.48 लाख गोवंशों पर खतरा मंडराने लगा है। बीते कुछ दिनों में तीन गोवंश लंपी रोग की चपेट में आ गए हैं। कई गायों का उपचार हो रहा है।
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जुरेड़ी, तहला, मोडी बाबा और करतल समेत कई गांवों में गोवंशों में लंपी त्वचा रोग मिला है। उप पशु निदेशक मनोज कुमार अवस्थी का कहना है कि लंपी स्किन डिजीज के मामले एमपी के कई जिलों में मिले हैं। मंडल में अभी तीन गोवंश लंपी से बीमार मिले हैं। इनका इलाज करके ठीक किया जा चुका है। बुंदेलखंड में अभी ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन इसको लेकर सभी पशु चिकित्सकों को अलर्ट कर दिया है।
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लंपी बीमारी के लक्षण
- गायों में पहले तेज बुखार आता है।
- त्वचा पर चकत्ते पड़ जाते हैं।
- फोड़े और घाव बन जाते हैं।
- जानवरों की मौत तक हो जाती है।
ऐसे करें पशुओं का बचाव
- पशुओं को साफ-सुथरी जगह पर बांधें।
- त्वचा पर दाग धब्बे या फोड़े दिखें तो डॉक्टर को दिखाएं।
- संक्रमण को रोकने के लिए एंटीबायोटिक 6-7 दिन तक प्रयोग करें।
- पशुओं को क्वारंटीन कर दें।
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