बांदा। दो साल बाद भी 13 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण अधूरा है। शासन स्तर पर समीक्षा में जिले की प्रगति खराब मिलने पर डीपीआरओ ने नौ ग्राम पंचायत सचिवों को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।
जिले की 459 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवनों का निर्माण होना है। शासन ने ग्राम पंचायतों को वर्ष 2020-21 में बजट दिया था, लेकिन नरैनी ब्लाक की ग्राम पंचायत नेढ़वा, बडेछा, पंचमपुर, कमासिन की पतौरा, अंदौरा, साडासानी, महुआ की बिरगहना, गोखिया, कल्हरा, बबेरू की सातर, जसपुरा की गडोला में दो साल बाद भी पंचायत भवनों का निर्माण अधूरा पड़ा है।
पिछले दिनों शासन ने समीक्षा में जनपद की प्रगति संतोषजनक न होने पर नाराजगी जाहिर की थी। डीपीआरओ अजय आनंद ने ग्राम पंचायत सचिव महेश वर्मा, सुरेश वर्मा, लालाभइया, योगेंद्र, वीरेंद्र, विचित्रवीर, बृजेंद्र, चंदन, अभिषेक को नोटिस भेजकर तीन दिन में निर्माण कार्य पूरा करने व स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
उधर, जसपुरा की ग्राम पंचायत अमारा, महुआ के पतौरा, काजीपुर, बडोखर में मटौध ग्रामीण, बबेरू में पल्हरी, नरैनी में रेहुची, बिसंडा में कोर्रम, साथी में आरजीएसए के अंतर्गत जनसेवा केंद्रों का निर्माण शुरू नहीं किया गया, जबकि वर्ष 2020-21 में प्रति जनसेवा केंद्र के निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों को चार लाख की धनराशि दी गई है। डीपीआरओ ने सचिव योगेंद्र, शेफाली, अनुज गुप्ता, नंद किशोर, कमल यादव, सुरेश वर्मा, अरविंद, अनिल सिंह को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है।