बांदा। पहले त्रिवेणी, फिर पून और अब पचोखर व उमरहनी गांव में डिप्थीरिया (गला घोंटू) ने दस्तक दे दी है। इन गांवों में रोग के लक्षण वाले बच्चे मिल रहे हैं। दो नए मरीज रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज के पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती कराए गए हैं। मौजूदा समय में भर्ती बच्चों की संख्या चार है। इनमें एक की हालत में सुधार हो रहा है। तीन की हालत स्थिर है।
अलग-अलग गांवों में डिप्थीरिया के केस तेजी से बढ़ने पर रानी दुर्गावती मेडिकल कालेज में 40 बेड का पीडियाट्रिक वार्ड तैयार किया गया है। यहां अभी चार बच्चे भर्ती हैं। शुक्रवार को बबेरू सीएचसी क्षेत्र के उमरहनी गांव निवासी बसंत लाल के 10 वर्षीय पुत्र देवीदीन और अतर्रा सीएचसी क्षेत्र के पचोखर गांव निवासी सत्य नारायण त्रिपाठी के नौ वर्षीय पुत्र नकुल त्रिपाठी को भर्ती किया गया है। पचोखर गांव निवासी मेवालाल के पुत्र कपिल (10) और पून (बबेरू) की राधिका (10) पहले से यहां भर्ती हैं। पीडियाट्रिक वार्ड प्रभारी डॉ. अनीता ने बताया कि बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बच्चों के लिए तैयार किया वार्ड
प्राचार्य डॉ. मुकेश कुमार यादव ने बताया कि मेडिकल कालेज में स्थित पीडियाट्रिक वार्ड में पर्याप्त बेड हैं। कोरोना की चौथी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की आशंका की वजह से पर इन वार्डों को तैयार किया गया था। बच्चों को बीमारी से जल्दी उबारने और घर जैसा माहौल देने के लिए वार्ड की दीवारों में कार्टून, जानवरों की पेंटिंग, खिलौने आदि की व्यवस्था है। डिप्थीरिया से ग्रसित बच्चों को इसी वार्ड में रखा जाएगा।
जिला अस्पताल में भर्ती हैं छह बच्चे
जिला अस्पताल में शुक्रवार को डिप्थीरिया लक्षण का कोई नया मरीज भर्ती नहीं हुआ। सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि डिप्थीरिया वार्ड में छह बच्चे भर्ती हैं। इनमें तीन पून गांव के हैं। इसके अलावा एक बिसंडा व एक बड़ोखर गांव का बच्चा शामिल है। डिप्थीरिया के लक्षण प्रतीत होने पर अपने मन से मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर बच्चों को न खिलाएं। तुरंत किसी डॉक्टर को दिखाएं।