फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदा : गांवों में टैक्स लगाने की तैयारी, 72 राजस्व ग्राम बनेंगे मॉडल

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। जिले की 72 ग्राम पंचायतों के राजस्व गांवों को मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए 50 करोड़ की कार्ययोजना बनाई गई है। डीएम के अनुमोदन के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। गांवों में आठ बिंदुओं पर विकास कार्य होंगे। विकसित ग्राम पंचायतों के लोगों को प्रति मकान 145 रुपये मासिक स्वच्छता टैक्स देना पड़ेगा।
विज्ञापन

स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले की 72 ग्राम पंचायतों के राजस्व गांवों को मॉडल बनाने की तैयारी है। स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक नागेंद्र सिंह ने बताया कि कार्ययोजना को डीएम के अनुमोदन के लिए भेजा गया है। उनकी हरी झंडी मिलते ही इसे शासन को भेज दिया जाएगा। बजट आने पर कार्य शुरू होंगे।
विकास कार्यों पर स्वच्छता मिशन से 70 फीसदी और केंद्रीय व राज्य वित्त से 30 फीसदी धनराशि खर्च की जाएगी। जरूरत पड़ी तो मनरेगा से भी काम कराएं जाएंगे। राजस्व गांवों के विकसित होने के बाद ग्राम पंचायतों की आय बढ़ाने के लिए लोगों को पंचायत एक्ट के तहत 145 रुपये मासिक की दर से स्वच्छता कर भी देना पड़ेगा।
विज्ञापन

इससे ग्राम पंचायतों को प्रति माह करीब 31 लाख से अधिक की आय होगी। इस धनराशि से ग्राम पंचायतों के स्वच्छता प्रबंधन सहित अन्य विकास के कार्य किए जाएंगे।
मॉडल ग्राम पंचायतों में होंगे ये कार्य
कंपोस्ट पिट, सामुदायिक कचरा पात्र, प्लास्टिक बैंक, कचरा ढोने के लिए ई-रिक्शा, स्वच्छता किट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र, सामुदायिक इनसेनेटर, सोकपिट, सिल्टकेचर, फिल्टर चैंबर, तालाबों का सुंदरीकरण, नाली निर्माण, भूमिगत नाली, हैंडपंप की मरम्मत, हैंडपंप सोकपिट, रैन वाटर सार्वेस्टिंग सहित कई काम होंगे।
कूड़ा बेचकर कमाएंगी ग्राम पंचायतें
मॉडल ग्राम पंचायतों में खाद के गड्ढे बनाए जाएंगे। इसमें कचरे से प्लास्टिक, लोहा आदि अलग किया जाएगा। बाद में कचरा किसानों को खाद के रूप में, लोहा व प्लास्टिक आदि कबाड़ी को बेचकर आय अर्जित की जाएगी। यह पैसा स्वच्छता प्रबंधन में लगे कर्मचारियों को दिया जाएगा।
चयनित मॉडल ग्राम पंचायत
ब्लाक पंचायत
बबेरू 11
बड़ोखर 10
बिसंडा 11
जसपुरा 03
कमासिन 07
महुआ 11
नरैनी 14
तिंदवारी 95
राजस्व ग्रामों को मॉडल बनाने के लिए जिले की 72 ग्राम पंचायतों का चयन कर कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसे शासन को भेजा जाएगा। बजट आने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिए जाएंगे। -अजय आनंद, जिला पंचायत राज अधिकारी।
विज्ञापन

संदीप
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें