बांदा। दो अभियुक्तों को अदालत ने एससी/एसटी एक्ट में एक साल की सजा सुनाई है। मुकदमे का फैसला करीब 21 साल बाद हुआ। अदालत ने जुर्माने की आधी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।
अतर्रा थाना क्षेत्र के खम्हौरा गांव निवासी भगवानदीन भारतीय ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 अक्तूबर 2001 की शाम वह शौच को जा रहा था। गांव के चार लोगों ने उसके साथ मारपीट की। पुलिस ने एससी/एसटी एक्ट समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
अभियोजन की ओर से दो गवाह पेश किए गए। विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी) मोहम्मद कमरुज्जमां खान ने गुरुवार को रामलाल व दुराखनलाल को दोषी पाते हुए एक-एक वर्ष की जेल और नौ-नौ हजार रुपये जुर्माना किया। एक अन्य आरोपी को सजा नहीं हुई। चौथे आरोपी राजाराम की मुकदमा के दौरान मृत्यु हो चुकी है। विशेष अभियोजक विमल सिंह व महेंद्र कुमार द्विवेदी ने पैरवी की।