बांदा। किशोरी से दुष्कर्म में अदालत ने अभियुक्त को 14 वर्ष जेल की सजा सुनाई है। पॉक्सो में भी इतने ही वर्ष कारावास की न्यायाधीश ने सजा दी है। साथ ही 25-25 हजार रुपये जुर्माना किया। अन्य धाराओं में भी जेल और जुर्माना किया गया है। जुर्माने की आधी रकम पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं। सभी सजाएं साथ चलेंगी। अदालत से यह फैसला छह साल बाद आया है।
विशेष अभियोजक कमल सिंह गौतम और रामसुफल सिंह गौर ने संयुक्त रूप से बताया कि घटना मटौंध थाना क्षेत्र के एक गांव की थी। किशोरी के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन नवंबर 2016 की शाम अछरौड़ गांव निवासी रामकिशुन ने उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म किया।
अगले दिन चार नवंबर को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन की ओर से छह गवाह पेश किए गए।
विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अनु सक्सेना ने गुरुवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। पत्रावलियों का अवलोकन किया। अछरौड़ गांव निवासी रामकिशुन को दुष्कर्म में दोषी पाया। उसे 14 वर्ष की जेल और 25 हजार रुपये जुर्माना किया।
पाक्सो में भी 14 वर्ष जेल और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। कुल 58 हजार रुपये जुर्माना किया। इसमें आधी रकम पीड़िता को देने के न्यायाधीश ने आदेश किए हैं।