अतर्रा। छेड़खानी के आरोपी को 20 साल बाद सिविल जज जूनियर डिवीजन की कोर्ट ने तीन माह कारावास की सजा सुनाई है।
बदौसा थाना क्षेत्र के कुल्लूखेड़ा गांव निवासी महिला ने 10 नवंबर 2002 को थाना बदौसा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका पति परदेश में नौकरी करता है। गांव के ही आरोपी राकेश तिवारी ने 31 अक्टूबर 2002 को पशुबाड़े में जाते समय रास्ता रोककर छेड़छाड़ की।
पति के वापस आने पर घटना के 10 दिन बाद रिपोर्ट कराई थी। सहायक अभियोजन अधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि उक्त मामले में बदौसा थाना पुलिस ने छह गवाह पेश किए थे। विवेचना अधिकारी ने आरोप पत्र न्यायालय अतर्रा में प्रेषित किया था। जिस पर शनिवार को सिविल जज जूनियर डिवीजन नितिन सिंह ने सुनवाई करते हुए दोषी राकेश तिवारी पुत्र रामचंद्र को तीन महीने कारावास की सजा सुनाई है।