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बांदा : 28 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 18 में नहीं हो रही सीबीसी जांच

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अतर्रा सीएचसी में शोपीस रखी सीबीसी जांच मशीन। - फोटो : BANDA
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बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में मुफ्त होने वाली सीबीसी (कंपलीट ब्लड काउंट) जांच की सुविधा मरीजों को नहीं मिल रही। मंडल के चारों जिलों की आबादी लगभग 45 लाख है। इनमें 28 सीएचसी हैं, इनमें से 18 में सीबीसी जांच नहीं हो रही।
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कहीं रीजेंट न होने से तो कहीं टेक्नीशियन की कमी व मशीन खराब होने से सीबीसी जांच ठप है। नतीजतन मरीजों को इस साधारण जांच के लिए भी निजी पैथोलॉजी या शहर की दौड़ लगानी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन के मुताबिक यहां रोजाना करीब 35-40 मरीजों की सीबीसी जांच होती है। जिला अस्पताल पैथोलॉजी विभाग के मुताबिक रोजाना 20-25 मरीजों की सीबीसी जांच कराई जाती है। इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ने से सीबीसी जांच का बोझ बढ़ा है।
किसी भी सीएचसी में जांच नहीं
बांदा : जिले की करीब 20 लाख आबादी के बीच आठ सीएचसी और 51 पीएचसी हैं। बहेरी, स्योढ़ा, बिसंडा, कमासिन, नरैनी, बबेरू, जसपुरा व अतर्रा सीएचसी सहित लगभग 20 में सीबीसी जांच की व्यवस्था है, लेकिन इनमें से किसी भी सरकारी अस्पताल में यह जांच नहीं हो रही। मशीनें शोपीस बनी हैं। बबेरू व अतर्रा समेत कई सीएचसी में रीजेंट न होने से जांचें ठप है। सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि सीबीसी जांच न होने की जानकारी नहीं दी गई। दो-तीन दिन में व्यवस्था दुरुस्त करेंगे। जहां रीजेंट की कमी से मशीन बंद है, उसे शुरू किया जाएगा।
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पांचों सीएचसी में नहीं मिल रही जांच की सुविधा
चित्रकूट : जिले में पांच सीएचसी और चार पीएचसी हैं। किसी भी सीएचसी में सीबीसी जांच नहीं हो रही है। इस जांच के लिए मरीजों को जिला अस्पताल या निजी पैथोलॉजी का सहारा लेना पड़ रहा है। सीएमओ डॉ. भूपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि रीजेंट न होने से जांच ठप होने की बात सामने आई है। सीएचसी स्तर पर जल्द जांच शुरू कराने का प्रयास करेंगे।
सात सीएचसी में जांच का दावा
हमीरपुर : जिले में कुल 10 सीएचसी हैं। 24 से ज्यादा पीएचसी हैं। सीएचसी में सीबीसी जांच ठप हैं। ज्यादातर में रीजेंट न होने की समस्या बताई गई है। सीएमओ डॉ. रामऔतार का दावा है कि नौरंगा, इमिलिया व छानी सीएचसी में जांच नहीं हो रही, जबकि सात सीएचसी में सीबीसी जांच हो रही है।
तीन में रही सीबीसी जांच
महोबा : जिले में 5 सीएचसी और 14 पीएचसी हैं। सिर्फ दो सीएचसी कबरई व जैतपुर में सीबीसी जांच नहीं हो रही है। शेष में जांच का दावा किया गया है। सीएमओ डॉ. डीके गर्ग ने बताया कि जिन केंद्रों में जांच नहीं हो रही है वहां जल्द चालू कराएंगे।
जांच से पता चलते हैं रोग
खून की कमी, थकान, कमजोरी, बुखार, वजन घटने, पॉलिसाइथिमिया, इन्फेक्शन, सर्जरी से पहले, रक्तस्राव ज्यादा होने, ल्यूकेमिया, लिम्फोमा, बोनमैरो से जुड़े रोगों की जानकारी के लिए टेस्ट होता है। सीबीसी जांच में कोई परहेज की जरूरत नहीं होती। सीबीसी जांच डिफरेंशियल मशीन से की जाती है।
सीएचसी में सीबीसी जांच ठप होने के बारे में चारों जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से रिपोर्ट मांगेंगे। जिन कमियों के चलते सीबीसी जांच नहीं हो रही उन्हें दूर कराने का प्रयास किया जाएगा। सीएमओ के अलावा वह खुद भी अपने स्तर से कमियां दूर कराएंगे। - डॉ. विजयपति द्विवेदी, अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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