मेडिकल कालेज के औषधि काउंटर में लगी मरीजों की लाइन।
- फोटो : BANDA
बांदा। मौसम की मार से संक्रामक रोग तेजी से पांव पसार रहे हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में छह दिन में 13,645 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें ज्यादातर बुखार, उल्टी-दस्त, जुकाम-खांसी के मरीज हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में इन दिनों ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। रोजाना औसतन 1000 से 1200 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 40 फीसदी मरीज वायरल के आ रहे हैं। कमोवेश यही स्थिति जिला अस्पताल की है।
यहां भी रोजाना 1100-1300 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। शनिवार को मेडिकल कॉलेज में 1130 और जिला अस्पताल में 1182 मरीज ओपीडी में पहुंचे। इनमें कुछ पुराने मरीज भी शामिल हैं। परचा काउंटर से लेकर डॉक्टरों के कक्षों तक मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं।
तारीख मेडिकल कालेज जिला अस्पताल
22 अगस्त 1405 1310
23 अगस्त 1210 1129
24 अगस्त 970 1042
25 अगस्त 958 1079
26 अगस्त 1073 1157
27 अगस्त 1130 1182
योग 6746 6899
जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी डॉ. विनीत सचान ने बताया कि सबसे ज्यादा बीमार पूर्व में कोरोना से ग्रसित हो चुके लोग हो रहे हैं। ओपीडी में इनकी संख्या करीब 20 फीसदी है। फेफड़ों में संक्रमण से निमोनिया, खांसी-जुकाम और शूगर आदि रोगों की चपेट में आ रहे हैं।
इन्हें बुखार हो रहा है। इसके अलावा वायरल का प्रकोप बढ़ा है। खासकर 15 वर्ष तक के बच्चे और 50 वर्ष उम्र से ऊपर वाले ज्यादा बीमार पड़ रहे हैं। उधर, मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. करन राजपूत का कहना है कि मौसम के बदलाव से वायरल के मरीज बढ़े हैं। पांच दिन से पहले ठीक नहीं हो रहे। ऐसे में मरीजों का सावधानी बरतना जरूरी है।
बारिश में जलभराव से मलेरिया के साथ डेंगू का भी खतरा मंडराने लगा है। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू से निपटने की तैयारियां शुरू कर दीं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में 10 बेड और जिला अस्पताल में छह बेड इसके लिए आरक्षित किए गए हैं। हालांकि अभी जिले में डेंगू का कोई केस सामने नहीं आया।
पंकज