बांदा। जसपुरा ब्लाॅक के गड़रिया गांव की आर्यावर्त बैंक में लेन-देन में हुई गड़बड़ी पर अधिकारियों ने बैंकमित्र पर ठीकरा फोड़ा है। विजन इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बैंक मित्र के कार्यों पर रोक लगाते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा है। 300 खाताधारकों के खाते से अवैध धन निकासी के मामले में क्षेत्रीय प्रबंधक के निर्देश पर वरिष्ठ प्रबंधक की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम ने बैंक में जांच की। जांच रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपी है।
जसपुरा ब्लाॅक की ग्राम पंचायत गड़रिया में आर्यावर्त बैंक शाखा है। विजन इंडिया कंपनी की ओर से बैंक मित्र तैनात किए गए हैं, जो गांवों में ग्राहकों के अंगूठे लगवाकर उनके पैसे का लेनदेन करते हैं। 10 जून को बैंक में कर्मचारियों की मिलीभगत से 300 खाताधारकों के खाते से 15 लाख रुपये की निकासी का मामला प्रकाश में आया था।
गड़बड़ी की शिकायत पर क्षेत्रीय प्रबंधक विनोद केसवानी ने वरिष्ठ प्रबंधक शिवशंकर गुप्ता व प्रबंधक अभिषेक कुमार की अगुवाई में तीन सदस्यीय टीम गठित की। टीम ने शनिवार को बैंक जाकर लैपटॉप व अभिलेख खंगाले। शाखा प्रबंधक रामराज मीणा तथा बैंक के कैशियर से पूछताछ की। जांच में बताया गया कि एक ही परिवार के चार खाताधारकों ने लेन-देन में हेराफेरी की शिकायत की है।
बैंकमित्र मनोज कुमार के परिवार के अजय कुमार ने आरोप लगाया था कि पत्नी संगीता के खाते से 26 नवंबर को चार हजार, सुमित्र के खाते से छह हजार 28 नवंबर को तथा राधा देवी खाते से छह हजार रुपये नौ दिसंबर को तथा गरीबा के खाते से छह हजार रुपये 15 अप्रैल को निकाले गए। जांच अधिकारी ने यह भी बताया कि बैंकमित्र ने एक खाताधारक गरीबा के खाते से 25 दिनों में 25 लाख रुपये की निकासी कराई। संदेह के आधार पर इसकी भी जांच पड़ताल की जा रही है। उधर, विजन इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बैंकमित्र मनोज कुमार के लेनदेन पर रोक लगा दी है। तीन दिन में स्पष्टीकरण न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।