बांदा। धोखाधड़ी के आरोपी की जमानत अर्जी जिला जज की अदालत ने खारिज कर दी। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने बताया कि नरी गांव निवासी जगदेव प्रसाद ने महोखर रोड पर 17 जुलाई को आवासीय प्लाट खरीदा था।
आरोपी फर्जी दस्तावेजों के जरिए प्लॉट अपनी पत्नी के नाम पर कर लिया और प्रधानमंत्री आवास योजना से मकान बनवाने लगा। प्लाट स्वामी के पुत्र सिंचाई विभाग के सुपरवाइजर श्रीराम सिंह ने कोतवाली में सुखलाल पाल के विरुद्ध धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। आरोपी जेल में है। उधर, किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी रविकरन की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) मोहम्मद रिजवान अहमद ने खारिज कर दी।
बिसंडा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पिता ने 16 वर्षीय पुत्री को ले जाकर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। आरोपी 17 मई से जेल में है। विशेष लोक अभियोजक रामसुफल सिंह व शिवपूजन सिंह ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश अर्जी खारिज कर दी।
यौन उत्पीड़न केस की अगली सुनवाई तीन को
बांदा। बालकों के यौन उत्पीड़न के आरोपियों की बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) मोहम्मद रिजवान अहमद की अदालत में पेशी हुई। हालांकि, मुख्य आरोपी निलंबित जेई रामभवन और उसकी पत्नी व सह आरोपी दुर्गावती को अदालत नहीं बुलाया गया। उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में पैरवी की।
सह आरोपी दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद ने अदालत में अर्जी देकर कहा कि 164 के तहत बालकों के बयानों की प्रतियां सीबीआई द्वारा उन्हें नहीं दी जा रही है। इस संबंध में न्यायाधीश ने सीबीआई के अधिवक्ता दर्शन लाल से जवाब मांगा। अधिवक्ता ने दलील दी कि अगली पेशी के लिए निर्धारित तिथि 3 अगस्त को बयानों की प्रतियां उपलब्ध करा दी जाएंगी।
उधर, इस केस के तीसरे सह आरोपी व दिल्ली निवासी आकिब वकीलों संग अदालत पहुंचा। न्यायाधीश ने सुनवाई की अगली तारीख तीन अगस्त नियत की है।