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UP: पढ़ाई को डांटने पर बैडमिंटन खिलाड़ी ने दी जान, पिता बोले- मां ने डांटा था तो मुझे भी बता सकता था, लेकिन...

Tue, 12 Sep 2023 09:51 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बांदा

सार

बांदा में राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में चयनित छात्र ने आत्महत्या कर ली। बैडमिंटन खिलाड़ी को मां ने पढ़ाई के लिए डांट दिया था। बैडमिंटन खिलाड़ी के पिता मंत्री के पीआरओ हैं। 
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बैडमिंटन खिलाड़ी ने की आत्महत्या - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांदा के जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के निजी पीआरओ व दाल व्यापारी दिलीप गुप्ता के बेटे ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी। पिता ने रविवार की रात साढ़े 12 बजे शव फंदे से लटकते देखा तो घटना की जानकारी हुई। बताया जा रहा है कि पढ़ाई की बात पर मां ने डांट दिया था, इसके बाद बेटे ने घटना को अंजाम दिया। 
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उसका चयन बैडमिंटन की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था। शहर कोतवाली क्षेत्र के कालवनगंज छोटी बाजार निवासी दिलीप गुप्ता का बेटा स्वयं अरुण गुप्ता उर्फ कुंवर जी (14) सेंट मेरिज सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10 वीं का छात्र था। अरुण ने घर की दूसरी मंजिल में लगे टीनशेड के एंगल में दुपट्टे से फंदा लगा लिया। 

दिलीप गुप्ता ने बताया कि अरुण इकलौता बेटा था। उसकी परीक्षाएं चल रही थीं। रविवार की रात नौ बजे अरुण कमरे में मोबाइल चला रहा था। उसकी मां डॉ. रमा गुप्ता ने देखा तो पढ़ाई के लिए डांट दिया। इसी बात के तनाव में आकर उसने खुदकुशी की है।
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उन्होंने बताया कि अरुण का चयन बैडमिंटन की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए हुआ था। घटना की जानकारी होने पर उनके घर भाजपा नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। पोस्टमार्टम हाउस में जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद भी मौजूद रहे। शहर कोतवाल मनोज शुक्ला ने बताया कि मामला आत्महत्या का है।

मां ने डांटा था तो मुझे भी बता सकता था...
मां ने डांट दिया था तो कम से कम मुझसे तो बता देता। अपने दिल की बात भी नहीं कही और हमेशा के लिए छोड़कर चला गया। अपने निज निवास में बैठे जलशक्ति राज्यमंत्री के निजी पीआरओ व दाल व्यापारी दिलीप गुप्ता ने भारी आवाज से यह बात अपने करीबियों से कही। 

 

उन्होंने बताया कि स्वयं अरुण गुप्ता को उन्होंने कुंवर की तरह पाला था। इसलिए उसका नाम भी कुंवर जी रखा था। आखिरी समय में भी उसने कुछ न कहा। शहर कोतवाली क्षेत्र के कालवन गंज छोटी बाजार निवासी मृतक अरुण गुप्ता के पिता दिलीप गुप्ता और मां डॉ. रमा गुप्ता दोनों घटना के बाद से बदहवास हो गए। 

 

उन्होंने बताया कि उनके मात्र एक ही पुत्र था। वह उसे बहुत दुलार करते थे। उसकी हर फरमाइश पूरी होती थी। अरुण के दादा अरुण गुप्ता दाल वाले और दादी सुशीला का अरुण दुलारा था। अरुण की खुदकुशी को लेकर वह भी खासे व्यथित थे। 

 

पिता दिलीप ने बताया कि खेलो इंडिया खेलो प्रतियोगिता के तहत जुलाई माह में उसका चयन बैडमिंटन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया था। पिता का कहना है कि अरुण पूरे परिवार का दुलारा था। बार-बार उसे याद करके उनकी आंखें भर आईं।

जलशक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद के हस्तक्षेप से पुलिस प्रशासन ने सोमवार को सुबह 11 बजे पोस्टमार्टम करा दिया। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग की पुष्टि की गई है। पोस्टमार्टम हाउस में मंत्री के अलावा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, राजकुमार राज, अमित सेठ भोलू व कल्लू राजपूत आदि भाजपा नेता मौजूद रहे। अरुण का अंतिम संस्कार राजघाट मुक्तिधाम में हुआ।

 
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बच्चों में बढ़ती मोबाइल संस्कृति से बच्चे परिवार से अलग हो रहे हैं। वह एकांत पसंद करते हैं। ऐसे में अगर कोई उन्हें डांटता या मारता है तो वह कुंठा के शिकार होकर आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। ज्यादातर आत्महत्या के मामलों में मोबाइल एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। बच्चों के अभिभावकों को चाहिए कि वह बच्चों पर नजर रखें। उनसे प्यार और दुलार से उनके मन की बात को जानने की कोशिश करें। उनके अंदर उमड़ रहे सवालों को पूछकर उनका हल करने का प्रयास करें।-डॉ. रिजवाना हाशमी, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, मानसिक रोग विभाग, जिला अस्पताल,बांदा।
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