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पैकेज के एक अरब खर्च पर पशुओं की बदहाली दूर नहीं

Thu, 09 Nov 2017 10:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बांदा
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बुंदेलखंड में यूं दिखते हैं जगह-जगह अन्ना गायों के झुंड। - फोटो : amarujala
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बुंदेलखंड को मिला 7700 करोड़ वाला विशेष पैकेज भी अन्ना प्रथा से निजात नहीं दिला पाया। पैकेज में एक अरब रुपये पशुओं की बदहाली दूर करने के लिए दिए गए थे। सब खर्च हो गए पर यहां के पशुओं की बदहाली दूर नहीं हुई।
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वर्ष 2009-10 में केंद्र सरकार के बुंदेलखंड विशेष पैकेज में अन्ना प्रथा के खात्मे और नस्ल सुधार आदि के लिए 100 करोड़ रुपये दिए गए थे। इसमें अन्ना प्रथा के खिलाफ जागरूकता अभियान भी शामिल था। इस अभियान के लिए पैकेज में एक करोड़ 92 लाख रुपये दिए गए थे। लेकिन बीती अवधि में अन्ना प्रथा और बढ़ गई। मौजूदा में सिर्फ चित्रकूटधाम मंडल में ही 2,58,447 अन्ना मवेशी हैं। यह आंकड़े खुद पशु पालन विभाग के हैं। पूरे मंडल में कुल 19,48,809 मवेशी हैं। इनमें 12,90,381 गायें दर्ज हैं।

बुंदेलखंड पैकेज में बकरी पालन के लिए 11 करोड़ 25 लाख रुपये दिए गए थे। लाभार्थियों को 10 बकरी और एक बकरा दिया गया। इनमें इक्का-दुक्का को छोड़कर अधिकांश बकरियां मर गईं। चारा ब्लाक बनाने के लिए यूनिट की स्थापना को 3 करोड़ 58 लाख रुपये दिए गए थे। कहीं भी चारे की यूनिटें कारगर नहीं हुईं। मांस प्रसंस्करण इकाई स्थापना को 4 करोड़ रुपये दिए थे। पैकेज में लगभग वह सभी मदें शामिल थीं जिनसे बुंदेलखंड में पशु पालन को बढ़ावा मिल सके।
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