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प्लेटलेट्स कम होने पर सात को डेंगू की आशंका

Mon, 12 Sep 2016 11:25 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
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Dengue - फोटो : Amar ujala
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बांदा। जिला अस्पताल में बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही। सोमवार को बुखार ग्रस्त 16 मरीज भर्ती किए गए। इनमें सात मरीजों को डेंगू की आशंका बताई गई है। सोमवार को बुखार के मरीजों की भीड़ के चलते तमाम रोगियों को बेड नहीं मिला। कुछ को बेंच में लिटाकर इलाज हुआ और कुछ का फर्श पर ही उपचार हुआ। रामलीला मैदान निवासी दीपक गुप्ता पुत्र भजनलाल को तेज बुखार था।
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उसे ट्रामा सेंटर के बरामदे में लिटाकर ग्लूकोज बोतल चढ़ाई गई। बड़ोखर खुर्द क्षेत्र के भूरागढ़ निवासी दीपा (25) की पैथालाजी जांच में प्लेटलेट्स कम होने पर डेंगू की आशंका जताई गई है। इसके अलावा छह और मरीजों की प्राइवेट पैथालाजी जांच में प्लेटलेट्स घटकर 65 से 85 हजार तक पाई गई। उधर, जिला अस्पताल चिकित्सकों का कहना है कि एसआरएल के जरिए जांच कराने पर सही पता चलेगा।

ग्राम पंचायत अधिकारी को डेंगू
नरैनी। ग्राम पंचायत अधिकारी को डेंगू हो जाने पर कानपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ब्लाक के ग्राम पंचायत अधिकारी संतराम वर्मा (50) को पांच दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। लगातार प्लेटलेट्स घटने से डाक्टरों ने डेंगू की आशंका जताकर उसे कानपुर रेफर कर दिया।
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परिजनों के मुताबिक कानपुर में पैथालाजी जांच में डेंगू पाजीटिव पाया गया। एक सप्ताह पहले बल्दू पुरवा में रह रहे नौहाई गांव के एक किशोर की मौत हो गई थी। क्षेत्र में मलेरिया, टायफाइड और वायरल फीवर के मरीजों की सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में भरमार है। स्वास्थ्य विभाग और नगर पंचायत दवा छिड़काव की सुध नहीं ले रहे। कसबे में फागिंग नहीं कराई गई।

जांच में मलेरिया, दवा से हालत बिगड़ी
बबेरू। मनोरथ थोक निवासी विकलांग रावले पुत्र रामरतन ने एलटी की शिकायत चिकित्साधीक्षक और कोतवाली पुलिस से की। कहा है कि बुखार होने पर वह सोमवार को सुबह इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया था। वहां लैब टेक्नीशियन ने खून की जांच के लिए अपनी निजी पैथालाजी भेज दिया। यहां मलेरिया निगेटिव निकला। इसके बाद वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गया तो वहां मलेरिया पाजीटिव पाया गया और एलटी ने उसे मलेरिया की दवा दी।

दवा खाते ही कुछ देर में उसकी हालत बिगड़ गई। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर इलाज किया गया। शाम को हालत सुधरने पर वह धरने पर बैठ गया। उधर, अधीक्षक वीएम राजपूत ने कहा है कि जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।a
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