जिसकी जिंदगी में आशा नहीं वह व्यक्ति जिंदगी में कुछ नहीं कर सकता। आशा का मतलब होता है मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य कार्यकर्ता। स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशा रीढ़ हैं। जब से आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी ने कार्य किया, स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार हुआ है। ये बातें जिलाधिकारी हीरा लाल ने आशा दिवस पर आयोजित सम्मेलन में कहीं।
राजकीय मेडिकल कालेज सभागार में मंगलवार को आयोजित सम्मेलन में डीएम ने कहा कि 1000 की आबादी पर एक आशा का काम करना बड़ी बात है। आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी स्वास्थ्य क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं।
हजारों रुपये पाने वाले डाक्टर से ज्यादा जिम्मेदारी निभाती हैं। डीएम ने निर्देश दिए कि माह पूरा होते ही सप्ताहभर में इनका वेतन भुगतान किया जाए। चेतावनी दी कि वेतन निर्गत करने में रिश्वत मांगी या लापरवाही की तो बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि जो आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी अच्छा कार्य करेंगी उन्हें टूर कराया जाएगा। डीएम ने गांवों में बिना आपरेशन प्रसव के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पौधरोपण करने, पॉलीथिन त्यागने और योग अपनाने पर भी जोर दिया।
अपर निदेशक डा. राकेश रमन ने कहा कि संचारी रोग, बाल व मातृ स्वास्थ्य में सुधार पर शासन ने प्रतिपूर्ति राशि में 750 रुपये मासिक वृद्धि का निर्णय लिया है। आशा सविता देवी (पतवन, बबेरू), आशा द्विवेदी (पैलानी), सुनीता देवी (पथरी, बड़ोखर) सुधा गौतम (नरैनी) और शकुंतला देवी (जसपुरा) को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके पूर्व गुंजन कला मंच की बालिकाओं ने मयूर नृत्य पेश किया। सीएमओ डा. संतोष कुमार ने आभार जताया। एसीएमओ डा. आरके सचान, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एमसी पाल, राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई बलराम तिवारी, मंडलीय कार्यक्रम प्रबंधक आलोक कुमार, डीसीपीएम नीरज सिंह, अमन गुप्ता, सुरेश पांडेय, अपर जिला सूचना अधिकारी कुमारी शारदा आदि शामिल रहे। संचालन मोहम्मद शरीफ ने किया।