बांदा/तिंदवारी/कालिंजर। शहर व ग्रामीण इलाकों में रविवार को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए उद्देश्य के साथ शुरू होने वाला मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है।
कहीं मेडिकल स्टाफ का अभाव है तो कहीं पर डॉक्टर का। कालिंजर पीएचसी में तो एक महीने से आरोग्य मेले का आयोजन नहीं हो सका है। वजह एक महीने से कोई डॉक्टर नहीं है।
हालांकि एक महीने से डॉक्टर के अभाव से जूझ रहे कालिंजर पीएचसी को अस्थायी राहत जरूर मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने पुकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात डॉ. धर्मपाल प्रजापति की ड्यूटी सप्ताह में तीन दिन कालिंजर अस्पताल में लगा दी है। डॉ. धर्मपाल प्रजापति सप्ताह में तीन दिन यानी मंगलवार, बुधवार और बृहस्पतिवार को कालिंजर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का उपचार करेंगे।
बाकी दिनों में वह पुकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेवाएं देंगे। डॉक्टर के नहीं होने से कालिंजर अस्पताल आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा था। रविवार को भी आरोग्य मेले का आयोजन नहीं हो सका।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। अस्पताल परिसर में स्थित आईसीटीसी सेंटर भी ताला लटकता मिला।मेले में कुल 40 रोगियों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार डॉक्टर किया गया।
अधिकांश मरीज खांसी, पेट दर्द और बुखार जैसी बीमारियों से ग्रसित पाए गए। डॉ. रामशरण ने मरीजों की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं। उन्होंने मरीजों को नियमित दवा सेवन के साथ-साथ खानपान में सुधार और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी। इस अवसर पर स्वास्थ्य कर्मी असगर खान , संतोष सागर, मुन्नीलाल मौजूद रहे।