अरहर दाल सम्मेलन में बुंदेलखंड के 1070 और कानपुर के व्यापारी/मिलर्स शामिल होंगे। इन्हें यूपी और राजस्थान के छह विशेषज्ञ दलहन खेती से आय दोगुनी करने के गुर बताएंगे।
1396 बीज व्यवसायी भी सम्मेलन में शरीक रहेंगे। इसके अलावा आईटीसी प्रसंस्करण यूनिट के हेड और लगभग डेढ़ दर्जन किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) प्रतिभाग करेंगे। देश के कई पद्म विभूषण से सम्मानित हस्तियां भी सम्मेलन का हिस्सा बनेंगी।
10 फरवरी को ऐतिहासिक कालिंजर दुर्ग के पास कटरा कालिंजर में अरहर (दलहन) सम्मेलन व मेला आयोजित हो रहा है। डीएम हीरा लाल इसकी अध्यक्षता कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री ने 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी सिलसिले में यह आयोजन हो रहा है।
बांदा में अरहर, चना, सरसों, गुड़ आदि को ब्रांड रूप में स्थापित करने की योजना है। उन्होंने बताया कि यहां दलहनी फसलें मुख्य हैं। खरीफ में 17,753 हेक्टेयर और रबी में चना, मसूर, सरसों आदि की 15 फीसदी से ज्यादा खेती होती है।
सम्मेलन में चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के अरहर एवं चना विशेषज्ञ सहित बांदा कृषि विश्वविद्यालय के डा. श्याम सिंह, डा. मंजिल पांडेय, डा. सुभाष सिंह, भारतीय गन्ना अनुसंधान, लखनऊ के निदेशक डा. एडी पाठक
प्रधान वैज्ञानिक डा. एसएन सिंह व दिलीप कुमार और राजस्थान की मस्टर्ड रिसर्च निदेशालय के सरसों विशेषज्ञ किसानों को टिप्स देंगे। आईटीसी क्षेत्रीय कार्यालय, आगरा के बसंत दीक्षित सहित वॉल मार्ट के डीजीएम डा. अरविंद कुमार, बिग हॉट के सचिन नंदवाना सहित बिग बाजार, आर्गनिक इंडिया, स्पेंशर आदि उपस्थित रहेंगे।
अरहर सम्मेलन में देश-प्रदेश के प्रमुख कृषि स्वयंसेवी संस्थानों के नौ प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इनमें विपिन कुमार (आश्री फाउंडेशन, बाराबंकी), भानु प्रकाश (किशानवम, पंजाब)
राहुल वर्मा (ग्रो फार्म, बाराबंकी), दानेश्वर बोडके (अभिनव फार्मर्स क्लब, पुणे, महाराष्ट्र), शिवम शर्मा (पूसा कृषि इनक्यूवेटर, नई दिल्ली), सुश्री अनामिका बिष्ट (वैलेज स्टोरी, बेंगलुरू), कुनाल तिवारी (सोर्स ट्रेस, नई दिल्ली), राकेश पांडेय (श्रमिक भारतीय, कानपुर) और राहुल पटेल (आईआईटी, कानपुर) शामिल हैं।
सम्मेलन में आधा दर्जन से अधिक पद्मश्री उपाधि से सम्मानित प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इनमें भारत भूषण त्यागी (बुलंदशहर), बाबूलाल दाहिया (सतना), रामशरण वर्मा (बाराबंकी)
पोपटरॉव पवार (अहमद नगर, महाराष्ट्र), कमल सिंह चौहान (हरियाणा), राजकुमारी देवी (मुजफ्फरपुर) शामिल हैं। इनके अलावा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, दिल्ली के प्रो.मान सिंह, वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय, मेरठ के पूर्व कुलपति डा.गया प्रसाद, आईआईटी कानपुर के प्रो.अमिताभ बंधोपाध्याय आदि भी शामिल हैं।