बांदा। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के यहां आने के बाद हाई सिक्योरिटी में तब्दील जेल से बंदी के भागने की कोशिश पर उच्चाधिकारी बेहद संजीदा हैं। जांच के दायरे में आए जेल अफसरों और बंदी रक्षकों से जवाब-तलब तेज हो गया है। एडीशनल पुलिस महानिरीक्षक (जेल) ने वरिष्ठ जेल अधीक्षक और जेलर समेत छह अधिकारियों/बंदी रक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि, नोटिस को जेल अधिकारी जांच का एक हिस्सा बता रहे हैं।
अधीक्षक ने दावा किया कि अब दोबारा चूक नहीं होने देंगे। गिरवां क्षेत्र के बरसड़ा बुजुर्ग गांव निवासी बंदी विजय आरख बैरक नंबर चार में बंद था। 7 जून की शाम कमान से लौटने के बाद उसने जेल से भागने की कोशिश की थी। हालांकि, 22 घंटे बाद उसे जेल परिसर की बगिया में घास के बीच से दबोच लिया गया था। उस वक्त बैरक ड्यूटी में तैनात बंदी रक्षक को आरोपपत्र जारी किया गया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक अरुण कुमार ने इसकी पुष्टि की है। कारण बताओ नोटिस जारी होने पर उनका कहना था कि बंदी के भागने पर हो रही जांच का यह एक हिस्सा है। जेल के उच्चाधिकारियों ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जवाब दाखिल करने के लिए 15 से एक माह का समय है। जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि तुरंत बंदी के पकड़ में आ जाने से फिलहाल राहत है। गौरतलब है कि रोपण (पंजाब) से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को यहां लाने के बाद से जेल हाई सिक्योरिटी से लैस है। जेल के बाहर से लेकर अंदर तक कड़ा पहरा है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। जेल की चहारदीवारी की निगरानी के लिए बंदी रक्षकों द्वारा दिन-रात लगातार भ्रमण किया जाता है। जेल अधीक्षक ने कहा कि उनका प्रयास है कि पहले हुई चूक की दोबारा पुनरावृत्ति न हो सके।