बांदा/बबेरू। गल्ला व्यापारी के एक और बेटे ने शनिवार की रात फांसी लगाकर जान दे दी। इससे पहले उसके दो पुत्र फांसी लगाकर जान दे चुके हैं। बड़े बेटे ने चार साल पहले और दूसरे ने छह माह पूर्व अप्रैल में फांसी लगाई थी। परिजन घटना की वजह अंधविश्वास बता रहे हैं।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के औगासी रोड निवासी गल्ला व्यापारी छंगू प्रसाद के 17 वर्षीय बेटे अंकित कुमार ने शनिवार की रात अपने तिमंजिला घर की दूसरी मंजिल पर दीवार की सरिया में रस्सी बांधकर फांसी लगा ली।
तड़के लगभग ढाई बजे पिता ने शव लटकता देखा। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया है। पिता ने बताया कि उसके छह पुत्र थे। चार साल पहले तीसरे नंबर के पुत्र धनराज ने 19 वर्ष की आयु में नागपुर (महाराष्ट्र) में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
छह माह पूर्व अप्रैल में दूसरे नंबर के बेटे पुत्र इंद्रराज (21) घर में फांसी के फंदे पर झूल गया। दो मौतों का दुख भूले भी नहीं थे कि शनिवार की रात अंकित ने भी फांसी लगाकर जान दे दी। अंकित भी उसी स्थान पर फांसी लगाई जहां इंद्रराज ने आत्महत्या की थी।
चाचा गणेश प्रसाद ने बताया कि अंकित जेपी शर्मा इंटर कालेज में 10वीं का छात्र था। बताया कि अप्रैल में भाई इंद्रराज की मौत के बाद से वह परेशान था। अक्सर बेहोश हो जाता था। उन्होंने आत्महत्या की वजह अंधविश्वास का खौफ बताया।