बुंदेलखंड के जनपदों में अन्ना जानवरों से हो रही फसलों की तबाही का मुद्दा विधान सभा सत्र में गूंजा। किसान हित में शासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए अन्ना जानवरों को रखने के लिए गौशालाएं बनवाने और उनके दाना-पानी की व्यवस्था की मांग की गई।
तिंदवारी क्षेत्र से विधायक व कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष दलजीत सिंह ने नियम-301 के तहत विधान सभा सत्र में अन्ना जानवरों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के सातों जनपदों में किसानों के लिए अन्ना जानवर बड़ी समस्या हैं। सैकड़ों की संख्या में मवेशियों के झुंड फसलों को रौंद व सफाचट कर रहे हैं।
पिछले कई वर्षों से सूखा में बर्बाद तमाम किसानों व ग्रामीणों ने जानवरों को खुला छोड़ दिया। अधिकांश गायें हैं। चालू वर्ष में अच्छी बारिश होने पर किसानों ने रबी की बुवाई कर ली। नोटबंदी के बावजूद खाद-बीज का इंतजाम कर अच्छी फसल तैयार करने में जुटे हैं। लेकिन अन्ना मवेशियों के झुंड इन्हें तबाह कर रहे हैं।
किसान रातभर खेतों में पहरेदारी करने को मजबूर हैं। अन्ना मवेशियों को लेकर बुंदेलखंड के किसानों में आक्रोश है। इनसे निजात के लिए जिला व तहसील मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन तक हुए। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक ने न्याय पंचायत स्तर पर गौशालाएं बनवाने की मांग की।