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ठंड में भी अन्ना पशुओं को नहीं मिलेगी छाया

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तिंदवारी क्षेत्र के पिपरगवां गांव की गोशाला में खुले आसमान तले बंद गायें। - फोटो : BANDA
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बांदा। खुले आसमान तले बारिश बिताने के बाद अब चित्रकूटधाम मंडल के 65 हजार से ज्यादा अन्ना मवेशियों के सिर पर ठंड में भी छाया नहीं होगी। शासन के निर्देशों पर भी मंडल की 45 फीसदी गोशालाओं में अभी तक टिनशेड नहीं लगाए गए हैं। 456 अस्थायी गोशालाओं में 238 में टिनशेड नहीं हैं। इस पर जिम्मेदारों ने चुप्पी साध रखी है। पिछले साल इन्हीं अव्यवस्थाओं से ठंड के मौसम में गोशालाओं में सौ से अधिक गोवंश ठंड से अकड़कर मर गए थे।
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चित्रकूटधाम मंडल में अन्ना मवेशियों की संख्या 2,13,651 है। पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मौजूदा समय में 456 अस्थाई गोशालाओं में 65,214 मवेशी संरक्षित हैं। प्रदेश के प्रमुख सचिव पशुधन ने डीएम व सीडीओ को गोशालाओं में टिनशेड की व्यवस्था कराने के आदेश कई माह पूर्व दिए थे, लेकिन ग्राम पंचायतों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक चारों जिले की 238 गोशालाओं में पशु खुले आसमान तले हैं। यहां टिनशेड नहीं लगाए गए। यहां बंद अन्ना पशुओं ने बारिश तो किसी तरह गुजार ली, लेकिन अब ठंड में उन्हें छत्रछाया न मिली तो जान जाना तय है।
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जिला कुल गोशाला टिनशेड विहीन
बांदा 144 96
चित्रकूट 44 20
महोबा 125 62
हमीरपुर 173 60
योग 456 238
खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ग्राम पंचायतों में स्थित गोशालाओं में टिनशेड की व्यवस्था कराई जाए। ठंड से किसी पशु की मृत्यु हुई तो ग्राम पंचायतें जवाबदेह होंगी। गोशालाओं के लिए प्रति पशु 300 रुपये दिए जाते हैं। टिनशेड की व्यवस्था ग्राम पंचायत को करना है। -मनोज अवस्थी, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, बांदा।
इन गोशालाओं में नहीं हैं टिनशेड
तिंदवारी क्षेत्र के पिपरगवां, गुगौली, लोहारी, नरी, निवाइच, पलरा आदि गांवों की गोशालाओं में टिनशेड नहीं हैं। इन गोशालाओं में सैकड़ों मवेशी हैं।
टिनशेड न होने से पिछले वर्ष ठंड के मौसम में करीब 50 पशुओं की मौत हो गई थी। इसी तरह अतर्रा ग्रामीण, लोधौरा, सिमरिया व आऊ और कमासिन क्षेत्र के सांड़ासानी, अंदौरा, छिलोलर आदि गोशालाओं में टिनशेड नहीं हैं।
इन गोशालाओं में भी पिछले साल सौ से ज्यादा पशु मौसम की मार सहन न कर पाने से मौत के मुंह समा गए थे। बड़ोखर विकास खंड के गुरेह में 20, बबेरू व नरैनी में भी करीब 30 से अधिक पशुओं की पिछले साल ठंड से मौतें हुई थीं।
ठंड से पशु मरे तो बीडीओ होंगे जिम्मेदार
मुख्य विकास अधिकारी हरिश्चंद्र ने खंड विकास अधिकारियों को भेजे गए आदेशों में कहा है कि जिन गोशालाओं में टिनशेड नहीं है, वहां 30 अक्तूबर तक टिनशेड लगवा दिए जाएं। ठंड से किसी पशु की मौत होती है तो बीडीओ और सचिव को जिम्मेदार माना जाएगा। सीडीओ ने यह भी कहा है कि खरीफ की फसल खेतों में खड़ी है। रबी की बुआई भी शुरू हो गई है। ऐसे में अन्ना मवेशियों को गोशालाओं में बंद कराया जाए।
नौ गोवंश वन्य विहार के लिए दस करोड़ स्वीकृत
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में 9 वृहद गो संरक्षण/गोवंश वन्य विहार बनेगें। गो सेवा आयोग ने इसकी स्वीकृति दे दी है। इनके निर्माण पर कुल 10.89 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक गोवंश वन्य विहार की लागत 1.21 करोड़ रुपये होगी। बांदा में सिंधनकलां (पैलानी), अतर्रा, कनवारा (सदर तहसील), चित्रकूट के केसरूआ (मानिकपुर), करइयां डांडी (मऊ) और मह
ोबा में सूपा (राठ) व गुरवारा (चरखारी) में गोवंश वन्य विहार प्रस्तावित हैं। हमीरपुर में जमीन उपलब्ध न होने से फिलहाल स्वीकृति नहीं मिली है। गोवंश वन्य विहार में चारागाह, भूसा शेड, पशु चिकित्सालय, कर्मचारियों के आवास आदि बनाए जाएंगे। प्रत्येक गोवंश विहार की क्षमता 1000 मवेशियों की होगी। उपनिदेशक (पशुपालन) मनोज अवस्थी ने बताया कि शासन ने 60 फीसदी धनराशि जारी कर दी है।
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