बांदा। जलवायु परिवर्तन के अनुकूल खेती को बढ़ावा दें। वैज्ञानिक खेती के जरिए उत्पादन को बढ़ाएं। यह बात प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कृषि विश्वविद्यालय के स्थापना दिवस पर कही।
कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर प्रगति की ओर बढ़ रहा है। शिक्षा की गुणवत्ता के लिए प्रदेश में अग्रणी है। कृषि शिक्षा पूर्व में मजबूरी हुआ करती थी। लेकिन आज छात्र-छात्राएं स्वेच्छा से कृषि शिक्षा की ओर बढ़ रहे हैं। शीघ्र ही विश्वविद्यालय में पशुपालन महाविद्यालय संचालित होगा। उन्होंने सब्जी वैज्ञानिक डा. आरके सिंह के कार्यो की सराहना की। कहा कि टिशु कल्चर लैब में उत्पादित केले के पाैधे को विश्वविद्यालय में कम से कम एक एकड़ में लगाएंए जिससे किसान देख सके। कुलपति से कहा कि विश्वविद्यालय के रिक्त 188 पदों को भरने के लिए कार्रवाई करें।
प्रख्यात वैज्ञानिक व पूर्व कुलपति ग्रामोदय विश्वविद्यालय चित्रकूट के डा. एनसी गौतम ने कहा कि आज हमारा पढ़ाया छात्र विश्वविद्यालय में कुलपति है। इससे बड़ा सम्मान क्या हो सकता है। कहा कि महोबा का पानी विलुप्त हो रहा है। इसे सहेजने के लिए कदम उठाया जाना आवश्यक है। जैविक पान की मांग बाजार में बढ़ रही है। नरैनी विधायक ओममणि वर्मा ने विश्वविद्यालय को बुंदेलखंड का गौरव बताया। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष लवलेश सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति नरेंद्र प्रताप, कुलसचिव एसके सिंह, डा.एके श्रीवास्तव, डा. धीरज मिश्रा, डा.वीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।
बाद में कृषि मंत्री ने आवास, आंतरिक रोड, बीज उत्पादक एवं अनुसंधान प्रक्षेत्र तथा हाई-टेक नर्सरी सहित परास्नातक छात्रावास को लोकार्पण किया। विश्वविद्यालय के प्रो. मुकुल कुमार, धर्मेद्र, डा. विजय शर्मा को शोध व शिक्षा में कृषि विज्ञान केंद्र झांसी के डाॅ. आदेश कुमार को प्रसार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। प्रो. जीएस पंवार व उनकी टीम को प्रक्षेत्र के विकास में एवार्ड देकर सम्मानित किया।