बांदा। विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग में तैनात कनिष्ठ सहायक (लिपिक) विकास कुमार कश्यप को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। टीम उसे देहात कोतवाली ले गई। वहां उसकी लिखा पढ़ी की गई है।
जसपुरा के रामपुर गांव निवासी मोहम्मद जैद ने बताया कि उसे बकरी पालन योजना के लिए शासन की एनआरएलएम योजना के तहत सब्सिडी चाहिए थी। इसके लिए वह विभाग के चक्कर लगा रहा था। सब्सिडी दिलाने के एवज में पशुपालन विभाग में कनिष्ठ सहायक के पद में तैनात लिपिक विकास कुमार कश्यप उससे 10 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
इस पर उसने अपनी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो से की थी। टीम ने योजना बनाकर शिकायतकर्ता को रुपये के साथ मंगलवार को दोपहर विकास भवन स्थित पशुपालन विभाग में भेजा। खुद पीछे से शिकायतकर्ता के साथ हो गए। जैसे ही शिकायतकर्ता ने जेब से निकालकर 10 हजार रुपये संबंधित लिपिक को दिए, वैसे ही टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया।
एंटी करप्शन ब्यूरो के निरीक्षक श्याम बाबू ने बताया कि उनके साथ टीम में ट्रैप टीम प्रभारी राकेश सिंह, ओमप्रकाश सिंह, सीबी सिंह, आरक्षी सचिन चौरसिया, अनिल कुमार, चंद्रपाल सिंह, नितिन कंचन, अभिषेक सिंह आदि शामिल रहे हैं। देहात कोतवाली में आरोपी लिपिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।