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मरीज की मौत पर नाराज परिजनों का अस्पताल में हंगामा

Sun, 30 Apr 2017 12:41 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बांदा
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जिला अस्पताल में मौजूद सिटी मजिस्ट्रेट समेत सीओ व प्रभारी निरीक्षक। - फोटो : अमर उजाला
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मरीज की मौत पर नाराज परिजनों ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में जमकर हंगामा किया। आपरेशन थियेटर की मेजें उलट-पुलट डालीं। चिकित्सकों के साथ अभद्रता की। चिकित्सक व अन्य कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। कुछ ही देर में अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। खबर पाकर प्रभारी डीएम समेत पुलिस अधिकारी पहुंच गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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फतेहपुर जिले के ललौली थाना क्षेत्र के दतौली गांव निवासी राज्य परिवहन निगम में बस चालक सोमदत्त द्विवेदी (40) संपत द्विवेदी कालू कुआं मोहल्ले में किराए के मकान में परिवार समेत रहते हैं। शनिवार सुबह घर पर अचानक तबियत बिगड़ने पर वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें आनन-फानन जिला अस्पताल लेकर आए। जहां कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इलाज में देरी और लापरवाही का आरोप लगाते हुए साथ आए परिजनों ने ट्रामा सेंटर में हंगामा शुरू कर दिया।

आपरेशन थियेटर की मेजों को जमीन पर फेंककर तोड़ डाला। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के साथ धक्का-मुक्की की। साथ आए कुछ वरिष्ठ लोगों ने समझाने-बुझाने का प्रयास किया। इसी बीच मौका पाकर चिकित्सक व अन्य कर्मचारी जान बचाकर भाग खड़े हुए। हंगामे की खबर मिलते ही कुछ ही देर में भारी पुलिस बल अस्पताल पहुंच गया। पूरा ट्रामा सेंटर पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। पुलिस कर्मियों ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर किसी तरह से शांत किया। उधर, खबर पाकर प्रभारी डीएम गंगाराम गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट रामेश्वत तिवारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) डा.राकेश मिश्रा भी अस्पताल पहुंच गए।
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पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हुई है। मृतक की पत्नी ममता द्विवेदी ने बताया कि तीन दिनों से जिला अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ इलाज कर रहे थे। मौत से पहले इलाज कराने उनके पति जिला अस्पताल आए थे। लेकिन चिकित्सक ने दो-चार गोलियां देकर उन्हें घर भेज दिया। घर पहुंचने के कुछ ही देर में उनकी हालत बिगड़ गई। आरोप लगाया कि ट्रामा सेंटर में भर्ती करने के बावजूद चिकित्सकों ने उनका इलाज नहीं किया। इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई।


इनसेट
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इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
बांदा। मरीज की मौत के बाद हंगामे की वजह से जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर में लगभग दो घंटा तक अफरातफरी का माहौल रहा।
शनिवार को सुबह सोमदत्त द्विवेदी की मौत के बाद भड़के परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया। पिटाई की डर से चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्य कर्मी ट्रामा सेंटर को लावारिस हालत में छोड़कर भाग खड़े हुए। दो घंटा तक ट्रामा सेंटर में अफरातफरी का माहौल रहा। चिकित्सकों के नदारद रहने से तमाम मरीज बिना इलाज कराए बैरंग लौट गए। उधर, चिकित्सकों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्रता की खबर लगते ही जिला अस्पताल की ओपीडी कर रहे चिकित्सकों ने मरीजों का इलाज करना बंद कर दिया। अपने कमरों से उठ कर बाहर चले गए। बवाल शांत होने के बाद डा.एसके वाजपेयी समेत डा.मुकेश कुमार, डा.आरके गुप्ता ने ट्रामा सेंटर में मृतक के परिजनों के बातचीत की।


इनसेट
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पुत्र की हालत बिगड़ी, भर्ती
बांदा। पिता की मौत के बाद पुत्र की हालत भी बिगड़ गई। जिला अस्पताल में उसका उपचार किया जा रहा है। घर पर सोमदत्त की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लाए। यहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पिता की मौत की खबर लगते ही पुत्र नागेंद्र उर्फ शिब्बू की हालत बिगड़ गई। चिकित्सकों ने आनन-फानन उसका इलाज शुरू कर दिया। मृतक सोमदत्त अपने पीछे पत्नी व दो पुत्र छोड़ गए हैं।
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