आंगनबाड़ी कर्मचारी एवं सहायिका एसोसिएशन ने कलक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपा। ज्ञापन के मुताबिक 18 हजार मानदेय और राज्य कर्मचारी घोषित करने की मांग की।
विकास भवन परिसर में 18 दिन से चल रहे धरने के बाद मंडल अध्यक्ष नीलम वर्मा की अगुवाई में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जुलूस में कलक्ट्रेट आईं। अशोक लाट के सामने नेशनल हाईवे पर बैठकर जाम लगा दिया। शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। कहा कि महंगाई में चार हजार मानदेय नाकाफी है। इससे परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पा रहा है।
आंदोलित कार्यकर्ताओं की आवाज सरकार नहीं सुन रही है। योग्यता के मुताबिक उनका मुख्य सेविका के पद पर प्रमोशन किया जाए। कहा कि पोषाहार की गुणवत्ता बेहद घटिया होती है। इसे महिलाएं व बच्चे नहीं खाते। पोषाहार बंद कर बिहार की तर्ज पर इसका पैसा दिया जाए। स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों में भी ग्रीष्म अवकाश घोषित किया जाए व उन्हें मेगा काल सेंटर स्कीम से अलग रखा जाए। सरोज शुक्ला, गायत्री तिवारी, रेखा राजपूत, अनुराधा शुक्ला, राजकुमारी शुक्ला, सत्यवती, अर्चना सिंह, रूबी सचान, राकेश श्रीवास्तव, अराधना, पुष्पा, राधा, संगीता, सीता, कविता, उर्मिला, रिजवाना, वंदना, ज्ञानमती, ममता सिंह, ममता वर्मा, ललित किशोरी, निराशा, रेखा, मीनाश्री, पूनम, राजबाला, आशा, कुंजा देवी, सुंता, सरस्वती आदि रहीं।