आंगनबाड़ियों की मंडल स्तरीय बैठक में कर्मचारी संगठनों के नेता और आंगनबाड़ी।
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बांदा। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासंघ ने अलीगंज स्थित मैरिज हाल में रविवार को बैठक की। इसमेें मंडल अध्यक्ष नीलम वर्मा ने कहा कि आंगनबाड़ियों को राज्य कर्मचारियों का दर्जा और 15 हजार रुपये न्यूनतम मानदेय की मांग लगातार की जा रही है। पीएम और सीएम तक यह मुद्दा गूंजा है लेकिन मात्र सौ रुपये प्रतिदिन पर काम कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों पर कोई सरकार ध्यान नहीं दे रही। इन महिलाओं में ज्यादातर गरीब, बेसहारा, विधवा और तकालशुदा महिलाएं हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री न्यूनतम वेतनमान की बात को करते हैं, लेकिन आंगनबाड़ियों पर उनका ध्यान नहीं जाता। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी इसी विभाग की मंत्री हैं। उन्होंने कहा है कि आंगनबाड़ी सामाजिक कार्यकर्ता नहीं है। बैठक में मुख्यमंत्री से आंगनबाड़ियों के राज्यांश में बढ़ोत्तरी करने की मांग की गई। बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अध्यक्ष राज कुमार श्रीवास्तव (बांदा), अशोक निगम (हमीरपुर), सुनील शर्मा (महोबा) और वीरेंद्र द्विवेदी (चित्रकूट) सहित महामंत्री आरजे शर्मा (बांदा), केके गुप्ता (हमीरपुर), सुलेमान खां (महोबा), रजनी मरजीना (बांदा) शामिल रहे। इनके अलावा आंगनबाड़ी संघ की जिलाध्यक्ष किरन सेठी (बांदा), ऊषा द्विवेदी (चित्रकूट) और सहीबा (महोबा) उपस्थित रहीं। ब्लाक अध्यक्षों मेें सुधा सिंह (तिंदवारी), विमला देवी (बड़ोखर), मंजू देवी (बिसंडा), शैल सिंह (कमासिन), शोभा श्रीवास्तव (महुआ), किरन देवी (बबेरू), माया देवी (जसपुरा), सुषमा श्रीवास्तव (नरैनी) और निर्मला निषाद (बांदा) आदि शामिल रहीं।