सिर्फ 3 हजार मासिक मिल रहे मानदेय पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का घर नहीं चल पा रहा। उन्हेें 10 से 15 हजार रुपये मासिक चाहिए। उत्तर प्रदेश राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की बांदा यूनिट ने मंगलवार को यहां विधान सभा विधायन समिति सभापति/विधायक विशंभर सिंह यादव से मिलकर यही फरियाद की और 11 सूत्री मांगपत्र सौंपा।
कार्यकत्रियों ने कहा कि प्रदेश सरकार ने सहायक अध्यापक के वेतन के समान वेतन का आश्वासन दिया था पर ऐसा नहीं हुआ। इसके अलावा मुख्य सेविकाओं के रिक्त पदों पर कार्यकत्रियों की पदोन्नति, बाहरी भर्ती पर रोक, पदोन्नति में 50 वर्ष आयु सीमा प्रतिबंध खत्म करने, पोषाहार में बदलाव, 5 वर्ष की सेवा के बाद हर वर्ष वृद्धि, मृत्यु पर आश्रित महिला की नियुक्ति और 5 लाख मुआवजा आदि की मांगे की गई।
विधायक ने यहां पीडब्ल्यूडी डाक बंगले में कार्यकत्रियों से ज्ञापन लिया और भरोसा दिया कि वह यह मांग मुख्यमंत्री तक पहुंचाएंगे। विधायक ने स्वीकारा की कार्यकत्रियों को मिल रहा मानदेय मनरेगा मजदूरी से भी कम है।
ज्ञापन देने वालों में संघ की जिलाध्यक्ष नीलम वर्मा, महामंत्री रजनी मरजीना, शहर अध्यक्ष किरन सेठी सहित मीरा देवी, ऊषा देवी, उर्मिला, गायत्री गुप्ता, संगीता गुप्ता, अनीता, निर्मला, ममता सिंह, रामदेवी साहू, शीला सिंह, प्रभा सिंह, समता, गीता, रिजवाना, सोमवती, रेखा राजपूत, शोभा श्रीवास्तव, सत्यवती, सुधा सिंह आदि शामिल रहे।