हफ्ते भर बाद कृषि विश्वविद्यालय में अब फिर बिजली की रोशनी जगमगा उठी है। सबसे ज्यादा खुशी छात्रों को है। वे पिछले पांच दिनों से बिन बिजली परीक्षा दे रहे थे। महाविद्यालय प्रशासन भी परेशान था। शुक्रवार को आपूर्ति बहाल होते ही छात्रों ने खुशी-खुशी फोन कर ‘अमर उजाला’ को ‘थैंक्स’ बोला। महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने भी सराहा।
12 मार्च को तड़के हुई बारिश और ओलावृष्टि से कृषि विश्वविद्यालय को बिजली आपूर्ति करने वाला 5 एमवीए ट्रांसफार्मर फुंक गया था। इससे समूचे महाविद्यालय और छात्रावास की बिजली गुल हो गई। इसी बीच 16 मार्च से छात्रों की परीक्षाएं शुरू हो गईं। ट्रांसफार्मर दुरुस्त न होने पर परेशान छात्रों की दिक्कत के बारे में ‘अमर उजाला’ ने खबर छापी।
इसका तुरंत असर हुआ और पावर कारपोरेशन ने ट्रांसफार्मर बदल दिया। कई दिनों से मोमबत्ती में परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रावास के छात्रों ने खुशी जताने के साथ ही राहत महसूस की।
कृषि प्रसार सहायक अध्यापक/ मीडिया प्रभारी डॉ.बीके गुप्ता ने बताया कि पूर्व में कई बार पावर कारपोरेशन अभियंताओं को सूचना दी गई थी, पर कोई असर नहीं हुआ। उन्होंने ‘अमर उजाला’ के सहयोग का सराहा। उधर, पावर कारपोरेशन के एसडीओ धीरेंद्र प्रताप सिंह का कहना था कि ट्रांसफार्मर की जांच में यह पता चल गया कि उसकी मरम्मत नहीं हो सकती। इसके बाद उसे बदला गया।