प्रदेश के राज्यपाल द्वारा विधानसभा और विधान परिषद के संयुक्त सत्र में दिए गए अपने भाषण में बुंदेलखंड की अनदेखी करने पर परिषद में मुख्य विरोधी दल बसपा ने मंगलवार को यह मुद्दा सदन में जोर-शोर से उठाया। राज्यपाल के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव में बुंदेलखंड से जुड़े 10 मुद्दे शामिल करने की मांग की है। बुंदेलखंड को विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) घोषित करने की मांग की।
विधान परिषद में नेता विरोधी दल नसीमुद्दीन सिद्दीकी की अगुवाई में बसपा सदस्यों ने राज्यपाल के अभिभाषण में संशोधन के लिए 65 प्रस्ताव पेश किए। इन प्रस्तावों में 10 बुंदेलखंड से संबंधित हैं। श्री सिद्दीकी ने फोन पर बताया कि धन्यवाद प्रस्ताव मेें बसपा द्वारा सदन में रखे गए संशोधन प्रस्तावों में बुंदेलखंड में कई वर्षों से सूखा, ओला, अनावृष्टि, किसान और मजदूरों की आत्महत्या को अभिभाषण में शामिल करने की मांग की गई है।
साथ ही बुंदेलखंड को विशेष आर्थिक क्षेत्र घोषित करने, उद्योग लगाने, अवैध खनन पर रोक, बुंदेलखंड में मौरंग और बालू, खनिज से हो रही राजस्व आमदनी से कांच, ग्रेनाइट स्टोन से एल्यूमिनियम आदि बनाने के उद्योग लगाने की मांग की गई है। बांदा की केन नदी में मिलने वाले शजर से कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने और बांदा के मेडिकल कालेज को पूरा कराकर शीघ्र इसे पूरी झमता से संचालित करने का भी संशोधन प्रस्ताव पेश किया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उनका दल विधान परिषद में इन मुद्दों का ताकत से उठाएगा।