बांदा। नरैनी थाना क्षेत्र के एक गांव में भगवान श्रीगणेश की आरती में शामिल होने गई 15 वर्षीय किशोरी को दो युवक बाइक पर बैठाकर ले गए।
आरोप है कि दोनों उसे पास ही स्थित एक विद्यालय में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घर पहुंचकर उसने परिजन को जानकारी दी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों युवकों (चचेरे भाई) को गिरफ्तार कर लिया है। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है।
पुलिस को दी तहरीर में किशोरी के पिता ने बताया कि 24 सितंबर की रात उनकी बेटी गांव में गणेश आरती के लिए पंडाल गई थी। वहां पन्ना जिले के अजयगढ़ थाना क्षेत्र के पिष्टा गांव निवासी रामहित कुशवाहा और सज्जन कुशवाहा भी मौजूद थे। दोनों आरोपी रिश्तेदारी में गांव आए थे और उनके पड़ोस में ही ठहरे थे। किशोरी दोनों युवकों को पहले से जानती थी।
आरोप है कि दोनों युवकों ने किशोरी से कहा कि उसकी बड़ी बहन उसे बुला रही है। इस पर किशोरी उनके साथ बाइक पर बैठ गई। दोनों उसे पहड़िया के पास स्थित एक विद्यालय में ले गए। वहां दुपट्टे से उसका मुंह बांध दिया और दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। विरोध करने पर शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।
घटना के बाद दोनों आरोपी वहां से भाग निकले। घर पहुंचने पर किशोरी ने परिजन को पूरी घटना बताई। प्रभारी निरीक्षक भाष्कर मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। मामले में अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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वर्जन
किशोरी के पिता की तहरीर पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया है। किशोरी का मेडिकल भी कराया गया है। पीड़िता के सीओ के सामने बयान भी हो गए हैं। विधिक कार्रवाई की जा रही है।
-पलाश बंसल, एसपी
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चार दिन पंचायत के बाद फिर थाने पहुंचा मामला
बांदा। थाना नरैनी क्षेत्र के एक गांव में 24 सितंबर की रात किशोरी से हुई सामूहिक दुष्कर्म की वारदात चार दिन बाद थाने पहुंची। इन चार दिनों में परिजन सबसे पहले पड़ोसी के यहां उलाहना लेकर पहुंचे और फिर पंचायत भी हुई।
सजातीय मामला होने के कारण बीच-बचाव का प्रयास हुआ लेकिन जब सफलता नहीं मिली तो प्रकरण थाने पहुंचा। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
किशोरी के अनुसार दोनों युवक उसे सरकारी विद्यालय में गेट खोलकर अंदर बरामदे में ले गए। आरोप है कि दाेनों ने इसके बाद उसके साथ वारदात अंजाम दी। इसके बाद शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देते हुए बाइक में बैठाकर गांव के पंचायत भवन पर लाकर छोड़ दिया और वहां से भाग निकले।
पंचायत भवन से करीब 300 मीटर दूर किशोरी का घर है। किशोरी वहां से पैदल अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी पिता को दी। उसकी मां घटना के दिन अपने मायके में थी। पीड़िता दो बहनों व एक भाई में सबसे बड़ी है। जांच के दौरान यह पाया गया कि किशोरी के पड़ोसी की बेटी आरोपी चचेरे भाइयों के गांव पिष्टा में ब्याही हुई है।
यह गांव मध्य प्रदेश के जनपद पन्ना में थाना अजयगढ़ क्षेत्र में है। जिस युवक से उसकी शादी हुई है, वह आरोपियों का चचेरा भाई है। इसलिए दोनों युवक गांव में रिश्तेदारी में आते-जाते रहते थे। 24 सितंबर को दोनों बाइक से रिश्तेदारी में आए थे और घटना के बाद गांव से निकल गए।
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जीजा और साली का रिश्ता
बांदा। आरोपियों व पीड़िता के बीच सीधा कोई रिश्ता नहीं है। दोनों सजातीय हैं और पीड़िता, पड़ोसी की बेटी को दीदी कहती थी, इस कारण आरोपी रिश्तेदार उसके जीजा लगते थे। ऐसे में दोनों परिचित थे।
किशोरी जब पंडाल पहुंची तो उसे यह भी नहीं पता था कि पड़ोस की दीदी आई भी या नहीं। दोनों आरोपियों ने उससे कहा और वह भरोसे में उनके साथ बाइक में बैठकर निकल पड़ी। पंडाल, किशोरी के घर से 600-700 मीटर ही दूर गांव में ही लगा था। हालांकि पड़ोस की दीदी गांव नहीं आई थी।
पहले उलाहना दिया और फिर शादी की बातचीत
बांदा। घटना के बाद किशोरी के पिता ने पड़ोसी के घर जाकर घटना का उलाहना दिया। इस पर पड़ोसी ने तुरंत मामले को संभालते हुए रिश्तेदारी में फोन करके इस घटना की जानकारी दी।
इसके बाद दोनों परिवारों के बीच शादी कराने को लेकर भी मंथन हुआ लेकिन दो युवकों ने घटना अंजाम दिया था और दोनों युवक आपस में चचेरे भाई थे। ऐसे में यह तय करना मुश्किल हो गया कि शादी किससे कराई जाए। इसी के चलते पंचायत सफल नहीं हुई। ऐसे में पिता ने थाने पहुंचकर घटना की तहरीर दी और प्राथमिकी दर्ज करा दी।